ख़बर रफ़्तार , नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के बीच शनिवार को रेल यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से जुड़ी कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गईं। सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच 155 से ज्यादा ट्रेनों के रद्द होने की जानकारी सामने आई, जिससे करीब 2.25 लाख यात्रियों के प्रभावित होने का दावा किया गया है।
ट्रेन सेवाएं प्रभावित होने के कारण कई यात्री अपनी यात्रा को लेकर असमंजस में रहे। कुछ यात्रियों का कहना था कि वे निर्धारित समय से काफी पहले स्टेशन पहुंच गए थे, लेकिन वहां आने के बाद उन्हें ट्रेन संचालन की स्थिति को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने रेलवे की ओर से समय पर सूचना नहीं मिलने की शिकायत भी की।
ट्रेन रद्द होने की जानकारी नहीं मिलने से यात्री परेशान
रेलवे स्टेशनों पर पहुंचे यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि उन्हें अपनी ट्रेन के संचालन को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही थी। लंबी दूरी से स्टेशन पहुंचे लोगों को डर था कि कहीं उनकी ट्रेन भी रद्द न हो जाए या यात्रा में देरी के कारण आगे की कनेक्टिंग ट्रेन छूट न जाए।
बिहार के सासाराम निवासी ओम प्रकाश भी ऐसे ही यात्रियों में शामिल थे। वह महाबोधि एक्सप्रेस पकड़ने के लिए निर्धारित समय से करीब तीन घंटे पहले रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि उन्हें रेलवे की ओर से ट्रेन की स्थिति को लेकर कोई संदेश या जानकारी नहीं मिली थी।
ओम प्रकाश ने कहा कि स्टेशन पहुंचने के बाद उन्हें परिस्थितियों का अंदाजा हुआ। उन्होंने उम्मीद जताई कि महाबोधि एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर चलेगी, क्योंकि ट्रेन रद्द होने की स्थिति में उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कनेक्टिंग ट्रेन को लेकर भी बनी रही अनिश्चितता
ट्रेन सेवाओं में व्यवधान की आशंका के बीच दूसरे यात्रियों को भी अपनी आगे की यात्रा की चिंता सताती रही। विजय थापा नाम के एक यात्री नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर झारखंड जाने वाली कनेक्टिंग ट्रेन पकड़ने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं था कि मौजूदा परिस्थितियों में उनकी आगे की ट्रेन चलेगी या नहीं।
विजय थापा के मुताबिक, वह स्टेशन पहुंच चुके थे, लेकिन ट्रेन रद्द होने की खबरों के बीच अपनी यात्रा को लेकर आश्वस्त नहीं थे। कनेक्टिंग ट्रेन छूटने की आशंका ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी।
ऐसे यात्रियों के लिए ट्रेन संचालन से जुड़ी समय पर और स्पष्ट जानकारी बेहद जरूरी होती है, ताकि वे अपनी यात्रा की योजना बदल सकें और अनावश्यक खर्च से बच सकें।
इंटरनेट सेवा प्रभावित होने से अपडेट मिलना मुश्किल
यात्रियों ने यह भी शिकायत की कि नई दिल्ली इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद होने के कारण उन्हें ऑनलाइन ट्रेन अपडेट हासिल करने में परेशानी हुई। इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रभावित होने से यात्रा संबंधी जानकारी जुटाना और वैकल्पिक व्यवस्था तलाशना मुश्किल हो गया।
ट्रेन रद्द होने की आशंका, सूचना की कमी और इंटरनेट सेवाओं में व्यवधान के कारण कई यात्रियों को स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। खासकर उन लोगों की परेशानी अधिक रही, जिन्हें आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन पकड़नी थी या जिनके पास सीमित समय था।
हालांकि, इंटरनेट सेवाओं के प्रभावित होने की अवधि और क्षेत्र को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराए गए विवरण में नहीं दी गई है।
सड़क बंद होने और रूट बदलने से ऑटो-कैब का किराया बढ़ा
रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की परेशानी केवल ट्रेन सेवाओं तक सीमित नहीं रही। यात्रियों ने नई दिल्ली इलाके में बैरिकेडिंग, ट्रैफिक पाबंदियों और वाहनों के बदले हुए रास्तों के कारण ऑटो-रिक्शा और कैब का किराया बढ़ने की शिकायत भी की।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर ऑटो चालक बृजेश कुमार ने बताया कि सड़कों पर बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन के कारण चालकों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है।
उनके अनुसार, सामान्य दिनों में चार से पांच किलोमीटर की दूरी के लिए करीब 100 से 150 रुपये किराया लिया जाता है, जबकि उस दिन इसी दूरी के लिए 250 से 300 रुपये तक वसूले जा रहे थे। उन्होंने किराया बढ़ने की वजह ट्रैफिक प्रतिबंधों और रास्तों में बदलाव को बताया।
ड्राइवरों ने भी बताई ट्रैफिक प्रतिबंधों की परेशानी
एक अन्य ऑटो चालक मुकेश सिंह ने भी कहा कि रेलवे स्टेशनों की ओर जाने वाली कई प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग और वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध के कारण दिल्ली में यात्रा करना मुश्किल हो गया है।
उनके मुताबिक, लंबे रास्तों से जाने के कारण चालकों को सामान्य से अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे यात्रा में ज्यादा समय लग रहा है और किराए पर भी असर पड़ रहा है।
हालांकि, चालकों की ओर से बताई गई किराए की दरें उनके अनुभव पर आधारित हैं। सभी ऑटो और कैब चालकों द्वारा एक समान किराया वसूले जाने की पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
ट्रेन रद्द होने से बढ़ी यात्रियों की मुश्किलें
ट्रेन सेवाओं में व्यवधान, समय पर सूचना नहीं मिलने, इंटरनेट सेवाओं की समस्या और सड़क यातायात में बदलाव ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। कई लोग अपनी निर्धारित यात्रा को लेकर अनिश्चित रहे, जबकि कुछ को स्टेशन पहुंचने और आगे के गंतव्य तक जाने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाने की चिंता सताती रही।
रिपोर्ट में ट्रेन सेवाओं में आई बाधा को CJP के विरोध-प्रदर्शन के दौरान बने हालात से जोड़कर बताया गया है। हालांकि, 155 से अधिक ट्रेनों के रद्द होने के कारणों और प्रत्येक ट्रेन पर पड़े प्रभाव की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे स्टेशन रवाना होने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जांच लें। यदि कनेक्टिंग ट्रेन से यात्रा करनी है, तो दोनों ट्रेनों की स्थिति की पुष्टि करना भी महत्वपूर्ण है।
