ख़बर रफ़्तार , देहरादून : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के विरोध पर सवाल उठाए हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस प्रक्रिया को लेकर भ्रामक प्रचार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपने शासनकाल के दौरान अपनाई गई प्रक्रियाओं और अपने पुराने रुख पर भी विचार करना चाहिए।
सीएम धामी के मुताबिक, मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण पहले भी होता रहा है। ऐसे में अब इसी तरह की प्रक्रिया पर सवाल उठाना कांग्रेस के दोहरे मापदंड को दर्शाता है। उन्होंने निर्वाचन आयोग की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना जरूरी है, ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिल सके।
‘SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी बनाना’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना और उसे अधिक सटीक बनाना है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो।
धामी ने भारत निर्वाचन आयोग को संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसी प्रक्रिया को इसी उद्देश्य से देखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील की कि वह इस विषय पर भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखे।
कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर राजनीतिक हताशा का आरोप
सीएम धामी ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के विरोध को राजनीतिक हताशा से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक प्रक्रियाओं पर विवाद खड़ा कर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को सरकार की नीतियों और फैसलों का विरोध करने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में अनावश्यक अविश्वास पैदा करना उचित नहीं है।
धामी ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी प्रक्रिया को लेकर आपत्ति है, तो उसे तथ्यों और उचित तर्कों के साथ सामने रखा जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश विकास, सुशासन और राष्ट्रहित के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस विकास की इस यात्रा में अपनी घटती राजनीतिक प्रासंगिकता को लेकर असहज है।
धामी के मुताबिक, इसी कारण कांग्रेस जनहित और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर भी विवाद पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर जिम्मेदारी से अपनी बात रखनी चाहिए।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर बहस के बीच SIR बना राजनीतिक मुद्दा
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है। कांग्रेस और इंडी गठबंधन इस प्रक्रिया को लेकर विरोध जता रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका समर्थन करते हुए इसे मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता से जुड़ा कदम बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध का अपना महत्व है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते समय तथ्यों को ध्यान में रखना चाहिए।
फिलहाल, सीएम धामी के इस बयान के जरिए उत्तराखंड में SIR को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मतभेद एक बार फिर सामने आए हैं। वहीं, SIR के प्रभाव और प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर बहस जारी है।
