खबर रफ्तार, देहरादून : उत्तराखंड में प्रवेश करते ही शिवालिक पर्वतमाला की तलहटी में स्थित मां डाट काली मंदिर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है, क्योंकि प्रधानमंत्री Narendra Modi यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। इस मंदिर की विशेषता यह है कि इसका एक हिस्सा उत्तर प्रदेश में आता है, जबकि दूसरा उत्तराखंड में स्थित है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 11,963 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का लोकार्पण किया। इससे पहले उन्होंने सिद्धपीठ मां डाट काली मंदिर में लगभग दस मिनट तक विधि-विधान से पूजा की और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
मंदिर के नाम से जुड़ी रोचक कथा
मां डाट काली मंदिर का इतिहास भी बेहद खास है। मान्यता के अनुसार, जब अंग्रेजों के समय देहरादून–सहारनपुर मार्ग पर एक टनल का निर्माण किया जा रहा था, तब बार-बार कार्य में बाधाएं आ रही थीं। कहा जाता है कि एक रात निर्माण कार्य से जुड़े एक इंजीनियर को सपने में मां काली के दर्शन हुए। उनके निर्देश पर वर्ष 1804 में यहां पिंडी की स्थापना की गई। इसके बाद निर्माण कार्य बिना किसी रुकावट के पूरा हुआ और मंदिर का नाम मां डाट काली पड़ा।
भक्तों की आस्था
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, जो लोग नया वाहन खरीदते हैं, वे यहां आकर चुनरी बंधवाते हैं। माना जाता है कि इससे मां काली की कृपा से वाहन और उसके चालक की रक्षा होती है।
