खबर रफ़्तार, देहरादून: राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे नारों से मैदान से लेकर पहाड़ का हर शहर, कस्बा, नगर और गांव गूंज रहा था। विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता होने के नाते मुझ पर युवाओं को राम मंदिर की कारसेवा से जोड़ने की जिम्मेदारी थी।
वह दिन भुलाए नहीं भूलता। वर्ष 1994 से पहले का समय था। कार सेवक अयोध्या जाने को बेताब थे। बच्चा, जवान, बूढ़ा, हर किसी की जुबान पर एक ही नारा था, राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। मैं विद्यार्थी परिषद का संगठन महामंत्री था। मेरे पास ऋषिकेश का दायित्व था।
पौड़ी की कांसखेत जेल में ले जाया गया
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हमें पौड़ी की कांसखेत जेल में ले जाया गया। वहां हम 15 दिन कैद रहे। चमोली, टिहरी व अन्य स्थानों के कार सेवक भी वहीं लाए गए थे। 15 दिन बाद जब छूटकर घर लौटे तो आंदोलन अपने चरम पर पहुंच चुका था। आखिर रामभक्तों का संघर्ष कामयाब रहा। करोड़ों रामभक्तों की अथक मेहनत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या में भव्य और दिव्य भगवान राम के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। 22 जनवरी को मुख्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा। भाजपा का हर कार्यकर्ता इस समारोह का हिस्सा बनेगा।

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