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Tuesday, June 18, 2024
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कुमाऊं विश्वविद्यालय परीक्षा समिति की बैठक -स्नातक में 20 व परास्नातक में 15 से कम विद्यार्थी तो कोर्स बंद

  खबर रफ़्तार ,नैनीताल :कुमाऊं विश्वविद्यालय परीक्षा समिति की बैठक ने आज कई निर्णय लिए हैं। कुलपति प्रो. एनके जोशी की अध्यक्षता में विवि प्रशासनिक भवन में हुई बैठक में तय किया गया कि विश्वविद्यालय अंतिम वर्ष या अंतिम विषम सेमेस्टर के परीक्षा शुल्क के साथ ही उपाधि यानी डिग्री शुल्क भी लेगा, जिससे उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को अंकतालिका के साथ ही उपाधि भी मिल सके। इसी के साथ उत्तीर्ण विद्यार्थियों की मुद्रित उपाधियों को उनके लिखे गए घर के पते पर डाक से प्रेषित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के अनावश्यक चक्कर ना लगाने पड़े।

स्नातक में 20 व परास्नातक में 15 से कम विद्यार्थी तो कोर्स बंद

बैठक में तय किया गया कि अगर किसी स्नातक पाठ्यक्रम में 20 से कम विद्यार्थी एवं परास्नातक पाठ्यक्रम में 15 से कम विद्यार्थी का प्रवेश पंजीकृत होता है तो ऐसे पाठ्यक्रम को अविलंब बंद कर दिया जाएगा। ऐसे कम छात्र संख्या वाले पाठ्यक्रम यदि संस्थान, महाविद्यालय स्तर पर संचालित किए जाते हैं तो उसके लिए संबंधित महाविद्यालय, संस्थान उत्तरदायी होंगे। विद्यार्थी प्रवेश के एक माह के भीतर अपना प्रमाण पत्र महाविद्यालय या संस्थान में जमा करेगा

परीक्षा फाॅर्म भरने के लिए अब ये नियम

साथ ही यह भी तय किया गया कि परीक्षा आवेदन पत्र भरने को विश्वविद्यालय की निर्धारित अंतिम तिथि तक समस्त संबद्ध परिसर, महाविद्यालय, संस्थान अपने स्तर से विद्यार्थियों को परीक्षा आवेदन पत्र भरवाना सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित तिथि के बाद विशेष परिस्थितियों में विलंब शुल्क 500 रुपये के साथ 10 दिनों के लिए परीक्षा आवेदन पत्र भरने की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद विद्यार्थी को किसी भी दशा में परीक्षा आवेदन पत्र भरने व परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

परीक्षा फॉर्म की तीन प्रतियां निकालेंगे परीक्षार्थी

ये भी तय किया गया कि विद्यार्थी परीक्षा आवेदन पत्र का प्रिंट आउट तीन प्रतियों में लेगा, जिसमें एक प्रति विद्यार्थी की, एक प्रति महाविद्यालय या संस्थान की होगी और तीसरी प्रति विश्वविद्यालय की होगी। सभी महाविद्यालय, संस्थान विद्यार्थी के नोमिनल रोल के साथ परीक्षा आवेदन की प्रति भी विश्वविद्यालय को भेजेंगे।

नई शिक्षा नीति से होंगी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा

कुलपति प्रो. जोशी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के आधार पर पहली बार कुमाऊं विश्वविद्यालय में स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं आयोजित की जाएगी। इसलिए विवि अधिकारी व प्राध्यापक विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मार्गदर्शक की भूमिका का निर्वहन करें। छात्रों के विभिन्न प्रकरणों के त्वरित निष्पादन के लिए चार सदस्यीय एक समिति का गठन भी किया गया।

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