Jaunsar-Bawar : शादी के बाद दुल्हन ने 8 किमी पैदल चलकर पहुंचा ससुराल, CM धामी से की सड़क बनाने की मांग

ख़बररफ़्तार , चकराता : उत्तराखंड के देहरादून जिले का जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर अपनी अनूठी लोक परंपराओं, रीति-रिवाजों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है। यहां की सदियों पुरानी विवाह परंपराएं भी क्षेत्र की विशिष्ट पहचान हैं। इसी बीच चकराता तहसील के उदावा गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर किया है। यहां शादी के बाद दुल्हन शर्मिला को अपने ससुराल पहुंचने के लिए करीब 8 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ा। दुल्हन ने अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गांव तक सड़क बनवाने की मांग की है।

जौनसार-बावर की ‘जोजोड़’ परंपरा में दुल्हन लेकर जाती है बारात

जौनसार-बावर क्षेत्र में विवाह की अनूठी परंपराओं में ‘जोजोड़’ भी शामिल है। इस परंपरा में दुल्हन बारात लेकर अपने मायके से ससुराल पहुंचती है। आधुनिक दौर में यहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ-साथ दूल्हे की बारात दुल्हन के घर पहुंचने वाले विवाह भी होने लगे हैं। इसके बावजूद क्षेत्र के कई गांवों में पुरानी परंपराएं आज भी कायम हैं।

इसी परंपरा के तहत चकराता तहसील के बुल्हाड़ गांव निवासी शर्मिला का विवाह उदावा गांव निवासी अनिल के साथ मंगलवार को संपन्न हुआ। शादी की खुशियों के बीच दुल्हन और उसके साथ आए ग्रामीणों को सड़क सुविधा के अभाव में परेशानी का सामना करना पड़ा।

ढाई घंटे में 8 किलोमीटर पैदल चली दुल्हन

शादी के बाद दुल्हन शर्मिला को अपने ससुराल उदावा गांव पहुंचने के लिए करीब ढाई घंटे पैदल चलना पड़ा। उसके साथ आए ग्रामीणों ने भी लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की।

आज के दौर में जहां शादी-विवाह के लिए लोग वाहनों का इस्तेमाल करते हैं, वहीं उदावा गांव तक मोटर मार्ग नहीं होने के कारण दुल्हन और उसके परिजनों को पैदल रास्ता तय करना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर दूरस्थ पहाड़ी गांवों में सड़क संपर्क की जरूरत को सामने ला दिया है।

उदावा गांव में सड़क सुविधा का अभाव

जौनसार-बावर के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी ऐसे गांव हैं, जहां मोटर मार्ग नहीं होने से लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए पैदल चलना पड़ता है। इसका असर शादी-विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंचने पर भी पड़ता है।

बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना हो या दैनिक जरूरतों के लिए गांव से बाहर जाना हो, सड़क संपर्क की कमी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। उदावा गांव में दुल्हन को पैदल सफर तय करना पड़ना भी इसी समस्या को उजागर करता है।

दुल्हन शर्मिला ने CM धामी से लगाई गुहार

ससुराल पहुंचने के लिए लंबा पैदल सफर तय करने वाली दुल्हन शर्मिला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उदावा गांव तक मोटर मार्ग का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव तक सड़क सुविधा पहुंचने से स्थानीय लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी और शादी-विवाह सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए होने वाली परेशानियां कम होंगी।

सड़क बनने से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंचने में भी मदद मिल सकती है।

पहाड़ के दूरस्थ गांवों तक सड़क पहुंचने का इंतजार

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क को ग्रामीण विकास की अहम जरूरत माना जाता है। मोटर मार्ग उपलब्ध होने से न केवल आवागमन आसान होता है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है।

उदावा गांव में सड़क निर्माण की मांग ने एक बार फिर दूरस्थ गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के सवाल को चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि दुल्हन शर्मिला की मांग पर शासन-प्रशासन कब कार्रवाई करता है और गांव के लोगों को सड़क सुविधा का लाभ कब मिल पाता है।

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