ख़बररफ़्तार , नरेंद्रनगर : टिहरी गढ़वाल जिले की नरेंद्रनगर तहसील में आयोजित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड सिंगर दलेर मेहंदी की प्रस्तुति को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम के दौरान बैकग्राउंड साउंड ट्रैक के इस्तेमाल को लेकर दर्शकों ने नाराजगी जताई। वहीं, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी मंच पर पहुंचकर दलेर मेहंदी के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
मेले में दलेर मेहंदी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। हालांकि, प्रस्तुति के दौरान बैकग्राउंड ट्रैक को लेकर उठे सवालों के बाद कार्यक्रम का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
दो गानों के बाद बैकग्राउंड ट्रैक को लेकर उठे सवाल
कुंजापुरी मेले की सांस्कृतिक संध्या में दलेर मेहंदी मुख्य आकर्षण थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने मंच पर शुरुआत में एक-दो गाने प्रस्तुत किए। इसके बाद संगीत के साथ किसी अन्य आवाज में गाने सुनाई देने लगे, जिससे दर्शकों को प्रस्तुति में रिकॉर्डेड ट्रैक के इस्तेमाल का संदेह हुआ।
लाइव प्रस्तुति की उम्मीद लेकर पहुंचे दर्शकों ने इस पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना था कि वे दलेर मेहंदी की आवाज में लाइव गाने सुनने के लिए कार्यक्रम में पहुंचे थे। बैकग्राउंड ट्रैक को लेकर उठे विवाद के कारण पंडाल में शोर बढ़ने लगा।
मंत्री सुबोध उनियाल ने मंच पर पहुंचकर जताई नाराजगी
दर्शकों के बीच बढ़ती नाराजगी के बीच कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और दलेर मेहंदी के सामने अपनी आपत्ति रखी। मंत्री ने कहा कि नरेंद्रनगर की जनता कलाकार को लाइव सुनने के लिए आई है और प्रस्तुति में रिकॉर्डेड आवाज के इस्तेमाल से दर्शकों की उम्मीदों पर असर पड़ता है।
मंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद कुछ समय के लिए मंच पर असहज स्थिति बन गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा होने लगी।
पुलिस ने संभाली स्थिति, दर्शकों को कराया शांत
कार्यक्रम के दौरान दर्शकों की नाराजगी बढ़ने पर पंडाल में हंगामे जैसी स्थिति पैदा हो गई। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने व्यवस्था संभालने के लिए मोर्चा संभाला। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने और माहौल शांत बनाए रखने का प्रयास किया।
पुलिस की सक्रियता से कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली और स्थिति को बिगड़ने से रोकने की कोशिश की गई।
सुनंदा शर्मा का कार्यक्रम रद्द होने के बाद दलेर मेहंदी को बुलाया गया
इस विवाद के बीच मेला समिति की ओर से कार्यक्रम में बदलाव की वजह भी बताई गई। समिति के अनुसार, संबंधित दिन की सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध गायिका सुनंदा शर्मा की प्रस्तुति प्रस्तावित थी। हालांकि, स्वास्थ्य खराब होने के कारण उनका कार्यक्रम रद्द करना पड़ा।
समिति के मुताबिक, इसके बाद दलेर मेहंदी से संपर्क किया गया और कार्यक्रम से महज दो दिन पहले उनकी प्रस्तुति आयोजित करने की व्यवस्था की गई। कम समय में हुए इस बदलाव के कारण कार्यक्रम की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी दबाव पड़ा।
दलेर मेहंदी ने स्वास्थ्य खराब होने की बात कही
मेला समिति के अनुसार, कार्यक्रम के बाद बैकस्टेज पर दलेर मेहंदी से इस मामले को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने अपनी तबीयत ठीक नहीं होने की बात कही। उनके मुताबिक, स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह पूरी तरह लाइव गाने की स्थिति में नहीं थे और कार्यक्रम को जारी रखने के लिए तकनीकी टीम को बैकग्राउंड ट्रैक और सपोर्टिंग साउंड का सहारा लेना पड़ा।
उन्होंने देवभूमि के लोगों से मिले प्यार और सम्मान के लिए आभार भी जताया। हालांकि, प्रस्तुति के दौरान ट्रैक के इस्तेमाल को लेकर दर्शकों की नाराजगी सामने आई।
सुबोध उनियाल ने कहा- कलाकारों को अपना काम करना चाहिए
इस पूरे मामले पर ईटीवी भारत से बातचीत में कैबिनेट मंत्री और नरेंद्रनगर विधायक सुबोध उनियाल ने कहा कि कार्यक्रम में लोगों के मनोरंजन के लिए बड़े कलाकारों को बुलाया गया था, लेकिन मंच पर कलाकार अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहे थे। इसी वजह से उन्होंने मंच पर जाकर अपनी नाराजगी जताई।
मंत्री की इस प्रतिक्रिया के बाद कार्यक्रम में कलाकारों की प्रस्तुति और आयोजकीय व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई।
विवाद के बाद दर्शकों ने डीजे की धुन पर किया डांस
शुरुआत में विवाद और नाराजगी के बावजूद कार्यक्रम के अंत में माहौल फिर से उत्साहपूर्ण हो गया। आयोजकों और तकनीकी टीम की ओर से व्यवस्थाएं संभाले जाने के बाद दर्शकों ने संगीत और डीजे की धुन पर जमकर डांस किया।
दलेर मेहंदी के लोकप्रिय गानों पर भी दर्शक झूमते नजर आए। इस तरह विवाद के साथ शुरू हुई सांस्कृतिक संध्या का समापन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ।
नोट: डबिंग और बैकग्राउंड ट्रैक को लेकर सामने आए आरोपों के साथ कलाकार की ओर से बताई गई स्वास्थ्य संबंधी वजह को भी खबर में शामिल किया गया है। प्रकाशन से पहले कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों से तथ्यों की पुष्टि करना उचित होगा।
