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Tuesday, April 16, 2024
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ग्रेटर नोएडा में रजिस्ट्री के नाम पर फ्लैट खरीदारों से मांगे जा रहे रुपये, बिल्डर ने लोगों को भेजे नोटिस

ख़बर रफ़्तार, ग्रेटर नोएडा: ग्रेनो वेस्ट में बिल्डर परियोजनाओं में फ्लैटों की रजिस्ट्रियां तो शुरू हो चुकीं हैं। लेकिन, इस सबके बीच कई परियोजनाओं में रजिस्ट्रियां शुरू कराने के लिए खरीदारों से रुपयों की मांग की जा रही है।

रजिस्ट्रियां शुरू कराने के लिए 50 करोड़ रुपये खरीदारों से मांगे गए। आइआरपी के साथ हुई बैठक में लोगों ने यह परेशानी बताई। इसके बाद लोगों ने पैसे देने से साफ तौर पर इन्कार कर दिया। सालों तक आवाज उठाने और शासन स्तर तक अपनी मांगे पहुंचाने वालों के नाम रजिस्ट्री की सूची से अब भी गायब हैं। आरोप है कि बिल्डर रजिस्ट्री में भी भेदभाव कर रहे हैं।

करीब 30 हजार लोगों की रजिस्ट्रियां लंबित

ग्रेनो वेस्ट के अलग-अलग परियोजनाओं में करीब 30 हजार लोगों की रजिस्ट्रियां लंबित थीं। अभिताभ कांत कमेटी की सिफारिशें को शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद रजिस्ट्री शुरू हुईं हैं। अब बिल्डरों ने यहां पर भी लोगों से रुपये मांगने और अपने चहेतों को सबसे पहले लाभ देने का रास्ता देख लिया है।

सबसे पहले जिन फ्लैटों की रजिस्ट्रियां होनी है इसकी सूची बिल्डर द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। इस सूची में बिल्डर ने अपने चहेतों के नाम सबसे पहले रखे हैं। रजिस्ट्री के मुद्दे पर आवाज उठाने वाले लोगों के नाम अभी तक इस सूची में शामिल नहीं किए गए हैं।

लोगों का कहना है कि उन्होंने फ्लैट खरीदने और पजेशन के वक्त सबसे पहले स्टांप ड्यूटी सबसे पहले खरीदी। इसके बाद भी उनका नाम अभी सूची में शामिल नहीं किया गया है। रजिस्ट्री के नाम पर खरीदारों से अतिरिक्त रुपये की भी मांग की जा रही है। यह शिकायतें लगातार मिल रहीं हैं।

खरीदारों से मांगे जा रहे कितने रुपये?

आरोप है कि रजिस्ट्री से पहले अतिरिक्त शुल्क के नाम पर खरीदारों से 100 से 250 रुपये प्रति स्क्वायर फीट तक की मांग की जा रही है। ग्रेनो वेस्ट में अभी तक कुछ ही फ्लैटों की रजिस्ट्रियां हुईं हैं। आरोप है कि रजिस्ट्री से पहले बिल्डर खरीदारों से कई नियमों और शर्तों पर हस्ताक्षर भी करा रहे हैं।

ग्रेनो वेस्ट के बिल्डर परियोजनाओं में करीब 30 हजार फ्लैट बायर्स को पजेशन देकर फ्लैट पर कब्जा तो दे दिया है, लेकिन कुछ की रजिस्ट्रियां अब शुरू हुईं हैं। वहीं 40 से ज्यादा परियोजनाओं में करीब 70 हजार फ्लैट अधूरे हैं।

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