Gairsain विधानसभा सत्र के पहले दिन प्रदर्शन, प्रधान संगठन और UKD ने उठाईं मांगें; सड़क पर लगा जाम

ख़बररफ़्तार , गैरसैंण : चमोली जिले के भराड़ीसैंण में मंगलवार, 27 अक्टूबर को उत्तराखंड विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ ही विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला देखने को मिला। विधानसभा की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर जंगलचट्टी बैरिकेडिंग के पास प्रधान संगठन, उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) और स्वराज अभियान से जुड़े लोगों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के कारण मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और विधानसभा पहुंचने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों तथा मीडियाकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रदर्शन में शामिल संगठनों ने ग्राम प्रधानों की समस्याओं, गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने और विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने समेत कई मुद्दे उठाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए विधानसभा को पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

जंगलचट्टी बैरिकेडिंग के पास हुआ प्रदर्शन

विधानसभा सत्र के पहले दिन अलग-अलग संगठनों के लोग जंगलचट्टी बैरिकेडिंग के पास एकत्र हुए। यहां उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। प्रदर्शन के चलते विधानसभा की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। हालांकि, प्रदर्शनकारियों के सड़क पर जुटने के कारण पुलिस को यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। जाम के चलते विधानसभा पहुंचने वाले लोगों को भी आगे बढ़ने में दिक्कत हुई।

प्रधान संगठन ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जताया विरोध

प्रधान संगठन के अध्यक्ष आनंद सिंह चौहान ने कहा कि संगठन पिछले करीब छह महीने से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहा है, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का ठोस समाधान नहीं हो पाया है।

चौहान के मुताबिक, सचिवालय कूच के दौरान प्रशासन की ओर से मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, उनका आरोप है कि आश्वासन के बावजूद स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान लगातार अपनी समस्याएं उठा रहे हैं, लेकिन उन्हें बार-बार आश्वासन ही मिल रहा है।

प्रधान संगठन की प्रमुख मांगों में मनरेगा से जुड़े मुद्दों का समाधान, ग्राम प्रधानों के मानदेय में सुधार और अन्य लंबित मांगों पर कार्रवाई शामिल है। संगठन ने सरकार से इन विषयों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।

विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग

प्रधान संगठन के उपाध्यक्ष सुरेश उनियाल ने भी सरकार पर ग्राम प्रधानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक मांगें उठाने के बावजूद सुनवाई नहीं होने के कारण संगठन को प्रदर्शन करना पड़ा।

उनियाल ने विधानसभा सत्र की अवधि केवल दो दिन रखे जाने पर सवाल उठाते हुए कम से कम 10 से 15 दिन का सत्र आयोजित करने की मांग की। उनका कहना था कि कम अवधि में प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करना मुश्किल है।

उन्होंने युवाओं के रोजगार, महिलाओं के उत्पीड़न, अंकिता भंडारी हत्याकांड, भू-कानून, स्थानीय लोगों के अधिकार और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने जैसे मुद्दों पर सदन में चर्चा की जरूरत बताई।

स्वराज अभियान ने बेरोजगारी और श्रमिकों का मुद्दा उठाया

प्रदर्शन में शामिल स्वराज अभियान के सुरेश चंद्र और रमेश जोशी ने भी विधानसभा सत्र की अवधि पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा के लिए सदन को पर्याप्त समय मिलना चाहिए।

स्वराज अभियान से जुड़े लोगों ने बेरोजगारी, महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न, अंकिता भंडारी हत्याकांड, भू-कानून और श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच विस्तार से चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता से जुड़े सवालों पर ठोस निर्णय लिए जा सकें।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विधानसभा सत्र की अवधि कम होने से कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने सरकार से जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने की मांग की।

गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग दोहराई

उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि गैरसैंण उत्तराखंड राज्य आंदोलन की भावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है और इसे स्थायी राजधानी बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है।

यूकेडी कार्यकर्ताओं ने पर्वतीय क्षेत्रों के विकास और स्थानीय लोगों के अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहाड़ों की समस्याओं के समाधान और क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने राजधानी के सवाल पर सरकार से स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की।

प्रदर्शन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित

विधानसभा सत्र के पहले दिन हुए प्रदर्शनों के चलते जंगलचट्टी बैरिकेडिंग के पास यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। पुलिस को वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और मौके पर स्थिति संभालने के लिए लगातार प्रयास करने पड़े।

मार्ग पर जाम के कारण अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडियाकर्मियों को भी परेशानी हुई। अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शनों के बीच ग्राम प्रधानों की मांगें, विधानसभा सत्र की अवधि और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।

भराड़ीसैंण में सत्र के पहले दिन हुए इन प्रदर्शनों के जरिए संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं। अब इन मांगों पर सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर संबंधित संगठनों की नजर रहेगी।

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