ख़बर रफ़्तार, नई दिल्ली: आबकारी घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) की नियमित जमानत याचिका का सीबीआई ने विरोध किया। जांच एजेंसी ने मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान तर्क दिया कि मामले में कुछ हाई प्रोफाइल लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
सिसोदिया को जमानत मिलने से मामले की जांच प्रभावित हो सकती है, वो इसमें बाधा डाल सकते हैं और सुबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। सीबीआइ ने कहा कि सिसोदिया पूरी साजिश का मुख्य आरोपित और सरगना है।
महत्वपूर्ण चरण में CBI की जांच
एजेंसी ने अदालत को बताया कि सिसोदिया का संवेदनशील दस्तावेजों और सुबूतों से सामना कराया गया है। जिस दिन केस दर्ज किया गया था, उसी दिन सिसोदिया ने फोन तक नष्ट कर दिए थे। सीबीआई ने कहा कि मामले की जांच में उचित प्रक्रिया अपनाई जा रही है और इस अभी जांच बहुत ही महत्वपूर्ण चरण में है। मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी।
सुनवाई के दौरान सिसोदिया के अधिवक्ता ने कहा कि मामले में अदालत की कार्रवाई धीमी गति से चल रही है। इस पर अदालत ने कहा कि अगर अदालती कार्रवाई में देरी हो रही है तो आप तीन माह बाद जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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