चारधाम यात्रा 2026: अक्षय तृतीया पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले, श्रद्धालुओं का उमड़ा सैलाब

खबर रफ्तार, चारधाम यात्रा 2026 : उत्तराखंड में पवित्र चारधाम यात्रा का आज विधिवत शुभारंभ हो गया है। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही हजारों भक्तों के जयकारों के बीच आस्था का महासंगम देखने को मिल रहा है।

यमुनोत्री मंदिर के कपाट दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर खोले गए, जबकि गंगोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 15 मिनट के शुभ मुहूर्त में दर्शन के लिए खोल दिए गए। दोनों धामों को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

यमुनोत्री धाम में परंपरा के अनुसार मां यमुना की डोली शीतकालीन गद्दी स्थल खरशाली (खुशिमठ) से समेश्वर देवता की अगुवाई में रवाना हुई। ढोल-नगाड़ों, मंत्रोच्चार और जयकारों के बीच ग्रामीणों ने नम आंखों से मां यमुना को विदा किया। परंपरागत रूप से यह डोली यमुनोत्री धाम में भैया दूज तक विराजमान रहती है।

उधर, गंगोत्री धाम के लिए मां गंगा की भोगमूर्ति विग्रह डोली मुखबा गांव से रवाना हुई। अभिजीत मुहूर्त में आर्मी बैंड और ढोल-दमाऊं की धुनों के बीच डोली गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान कर गई। श्रद्धालुओं ने पूरे भाव और श्रद्धा के साथ मां गंगा को छह माह के शीतकालीन प्रवास के लिए विदा किया।

यात्रा के सुचारु संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थाएं की हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धामों को सुपरजोन, जोन और सेक्टरों में विभाजित कर पुलिस बल की तैनाती की गई है। हजारों पुलिसकर्मी, होमगार्ड, पीआरडी जवानों के साथ-साथ एसडीआरएफ, एटीएस और फायर टीमों को भी तैनात किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने भी यात्रियों की सुविधा के लिए कई मेडिकल टीमें, विशेषज्ञ चिकित्सक और स्क्रीनिंग प्वाइंट्स पर स्वास्थ्यकर्मी तैनात किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसी को देखते हुए यात्रा मार्गों और धामों में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखा गया है।

चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही उत्तराखंड में धार्मिक आस्था, परंपरा और श्रद्धा का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिल रहा है।

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