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Wednesday, February 28, 2024
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उत्तराखंड से हरियाणा तक स्मैक खपा रहे बरेली के तस्कर, झारखंड से लाते हैं कच्चा माल

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ख़बर रफ़्तार, बरेली:  बरेली के फतेहगंज पश्चिमी कस्बा स्थित एक मकान से स्मैक की खेप मिलने से यह साफ हो गया है कि यहां तैयार की जा रही स्मैक की मांग ज्यादा है। उत्तराखंड से दिल्ली, पंजाब व हरियाणा तक इसकी सप्लाई होती है। सूत्र बताते हैं कि क्वालिटी बेहतर होने से नशे के सौदागरों के बीच यहां की स्मैक ज्यादा पसंद की जाती है। पिछले दिनों कैंट थाने का सिपाही भी स्मैक तस्करी के मामले में उत्तराखंड में गिरफ्तार हुआ था।

झारखंड से कच्चा माल लाकर यहां स्मैक बनाते हैं। बताते हैं कि पावर नामक रसायन मिलाने से स्मैक अधिक नशीली जो जाती है। इसी वजह से बड़े शहरों और दूसरे राज्यों में यहां की स्मैक की मांग बढ़ रही है। इसी वजह से यहां के तस्कर कार्रवाई के बावजूद यह धंधा कर रहे हैं। फतेहगंज पश्चिमी में हुई कार्रवाई में दो भाइयों को जेल भेजा गया है। सूत्र बताते हैं कि कस्बे के और भी घरों में स्मैक बनाई जा रही है।

ट्रेन से हो रही तस्करी, महिलाएं और लड़के ला रहे माल

झारखंड व पूर्वोत्तर के इलाकों में अफीम की खेती बड़े पैमाने पर होती है। सूत्र बताते हैं कि नक्सल प्रभावित इलाकों में वहां के प्रशासन का किसानों पर ज्यादा नियंत्रण नहीं है तो अफीम सस्ते में स्थानीय तस्करों को मिल जाती है। तस्कर झारखंड से ही महिलाओं और लड़कों के जरिये ट्रेन से कच्चा माल मंगाते हैं। यहां स्मैक तैयार की जाती है। जिले में अलीगंज इलाके में अफीम की खेती होती है। वहां से भी अक्सर तस्करी के मामले सामने आते रहते हैं।

फरीदपुर इलाके में भी खामोशी से चल रहा धंधा

जिले का फरीदपुर व फतेहगंज पूर्वी इलाका भी स्मैक के धंधे के लिए चर्चित है। कुछ साल पहले फतेहगंज पूर्वी में एक प्रधान के यहां से स्मैक का जखीरा बरामद हुआ था। फरीदपुर का एक लाख का इनामी तस्कर तैमूर उर्फ भोला और उसके भाई भी इसी धंधे में लगे थे। तैमूर के जेल जाने के बाद भी परिवार के लोग धंधे को चला रहे हैं।

फरीदपुर में वर्कशॉप चलाने वाला उसका रिश्तेदार व बेहरा निवासी भाई-भतीजे आज भी बड़ी डील कर रहे हैं। एएनटीएफ व अन्य एजेंसियां इनकी धरपकड़ करती रहती हैं पर स्थानीय पुलिस कभी इन पर हाथ नहीं डालती। बारादरी थाने में इनके खिलाफ पिछले दिनों दर्ज मुकदमे को खुर्दबुर्द करने की तैयारी की जा रही है।

गुर्गे संभाल रहे काम 

कुछ साल में फतेहगंज पश्चिमी समेत जिले के कई स्मैक तस्करों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की थी। कल्लू डॉन व नन्हे लंगड़ा अब भी जेल में हैं। पिट एनडीपीएस एक्ट की वजह से इन्हें सालभर जेल में रहना है। नन्हे लंगड़ा के रिश्तेदार ने राजनीतिक सांठगांठ से माहौल साधने का काम किया है। सूत्र बताते हैं कि अब उनके गुर्गे स्मैक की तस्करी कर रहे हैं।

बिथरी चैनपुर में एक आरोपी गिरफ्तार

बिथरी चैनपुर थाना पुलिस ने स्मैक तस्करी के एक आरोपी को गिरफ्तार कर उससे 187 ग्राम स्मैक बरामद की है। बीसलपुर रोड पर अहिरोला गांव के पास शुक्रवार सुबह गश्त करने के दौरान पुलिस को एक बाइक सवार आता दिखा। उसे रोकने का इशारा किया, तो भागने लगा। पुलिस ने उसे घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम तस्लीम निवासी मेहतरपुर करोड़ बताया। उसके पास से 13,930 रुपये भी मिले हैं। इंस्पेक्टर संजय तोमर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि जिले में पिछले दिनों स्मैक तस्करों पर बड़ी कार्रवाई की गई थी। प्रदेश में सबसे पहले बरेली पुलिस ने ही दो तस्करों कल्लू व नन्हे लंगड़ा पर पिट एनडीपीएस लगाया है। बड़े तस्कर जेल में हैं। फतेहगंज पश्चिमी व फरीदपुर समेत जिलेभर में स्मैक तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अन्य तस्करों व उनके गुर्गों को भी जेल भेजा जाएगा।
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