ख़बर रफ़्तार , बागेश्वर : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। गरुड़ तहसील के नरगोड़ी (नर्गवाड़ी) गांव में एक युवक ने कथित तौर पर शराब के नशे में अपने ही चाचा और चाची की लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी। इतना ही नहीं, बीच-बचाव करने पहुंची परिवार की एक अन्य महिला को भी आरोपी ने निशाना बनाया और उस पर जानलेवा हमला कर दिया। महिला गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
शराब पीने की आदत से परेशान था परिवार
जानकारी के मुताबिक, आरोपी गोविंद वल्लभ खोलिया को शराब पीने की लत थी। आरोप है कि वह अक्सर नशे की हालत में घर पहुंचकर परिवार के लोगों के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करता था। उसकी इन हरकतों से परिवार के सदस्य लंबे समय से परेशान थे।
बताया जा रहा है कि करीब पांच से छह महीने पहले भी परिवार की ओर से आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले भी आरोपी के व्यवहार को लेकर शिकायत की गई थी, लेकिन इसके बावजूद उसकी हरकतों में सुधार नहीं हुआ।
चाची के बाद चाचा पर लोहे की रॉड से किया हमला
बताया जा रहा है कि रविवार देर रात आरोपी गोविंद वल्लभ खोलिया ने कथित तौर पर शराब के नशे में घर में हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान उसने सबसे पहले घर के ऊपरी कमरे में मौजूद अपनी चाची भगवती देवी (54) पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
इसके बाद आरोपी नीचे के कमरे में पहुंचा, जहां उसके चाचा पूरन चंद्र खोलिया (58) मौजूद थे। आरोपी ने उन पर भी लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ वार किए। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
बीच-बचाव करने पहुंची बहू पर भी किया हमला
घर में चीख-पुकार सुनकर पूरन चंद्र के बेटे की बहू दर्शनी देवी उन्हें बचाने के लिए मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि आरोपी ने उन पर भी लोहे की रॉड से तीन से चार बार हमला किया। इस दौरान दर्शनी देवी ने अपनी सूझबूझ से खुद और अपनी छोटी बच्ची की जान बचाई।
उन्होंने बच्ची को साथ लेकर खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और दरवाजा अंदर से बंद कर दिया। बाद में दूसरे रास्ते से बाहर निकलकर वह अपनी जान बचाने में कामयाब रहीं।
अस्पताल पहुंचने पर चाचा-चाची को मृत घोषित किया
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तीनों को घायल अवस्था में छोड़कर मौके से फरार हो गया। देर रात चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल आपातकालीन सेवा 112 को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बैजनाथ ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद पूरन चंद्र खोलिया और उनकी पत्नी भगवती देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल दर्शनी देवी का अस्पताल में उपचार जारी है।
आरोपी की तलाश में पुलिस की चार टीमें गठित
बैजनाथ कोतवाली के प्रभारी कैलाश नेगी के मुताबिक, घटना के बाद से आरोपी गोविंद वल्लभ खोलिया फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने चार विशेष टीमों का गठन किया है। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
इस दोहरे हत्याकांड के बाद नरगोड़ी गांव में मातम और दहशत का माहौल है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता फरार आरोपी को गिरफ्तार करना और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करना है।
