ख़बररफ़्तार , रुद्रपुर : उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में सितारगंज हाईवे पर सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते दिनों सड़क दुर्घटनाओं में छह लोगों की मौत के बाद प्रशासन और पुलिस ने हादसों पर अंकुश लगाने के लिए सख्ती के दावे किए थे। इसके बावजूद शुक्रवार रात बगवाड़ा मंडी के सामने हुए दर्दनाक हादसे में बाइक सवार मामा-भांजे की जान चली गई। तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से हुए इस हादसे के बाद एक बार फिर हाईवे पर यातायात सुरक्षा और भारी वाहनों की रफ्तार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
डंपर की टक्कर से बाइक सवार मामा-भांजे की मौत
जानकारी के मुताबिक, ग्राम सहजनी, रुद्रपुर निवासी 22 वर्षीय रोहित चौहान पुत्र राधेश्याम चौहान शुक्रवार रात अपने 46 वर्षीय मामा अक्षय लाल चौहान पुत्र हंसनाथ चौहान को रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहे थे। अक्षय लाल मूल रूप से ग्राम जुआफर, जिला देवरिया, उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे। उन्हें बाघ एक्सप्रेस ट्रेन से अपने घर लौटना था।
बताया गया कि रात करीब 10 बजे जब दोनों बाइक से बगवाड़ा मंडी के सामने पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोहित चौहान की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, गंभीर रूप से घायल अक्षय लाल चौहान को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन वहां पहुंचने तक उनकी भी मौत हो चुकी थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवार में कोहराम मच गया। रोहित चौहान के पिता राधेश्याम चौहान ने बताया कि उनका बेटा सिडकुल स्थित एक फैक्ट्री में काम करता था। वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ा था।
वहीं, अक्षय लाल चौहान पांच अक्टूबर को रुद्रपुर आए थे और शुक्रवार रात ट्रेन से अपने घर लौटने वाले थे। परिवार को क्या पता था कि रेलवे स्टेशन तक पहुंचने से पहले ही एक सड़क हादसा उनकी जिंदगी में ऐसा दुख छोड़ जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद रुद्रपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने मामले में पुलिस को तहरीर देने की बात कही है।
रुद्रपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय पाठक के मुताबिक, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। दुर्घटना में शामिल डंपर और उसके चालक की पहचान करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हादसों की रोकथाम के उपायों पर उठे सवाल
क्षेत्राधिकारी विभव सैनी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है। पीड़ित परिवार की ओर से तहरीर मिलने पर उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सितारगंज हाईवे पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। हालिया हादसे में दो लोगों की मौत के बाद तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में डंपर और उसके चालक की पहचान कब तक हो पाती है और हाईवे पर हादसों को रोकने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए जाते हैं।
