Gairsain में रामपुर तिराहा गोलीकांड के शहीदों की याद में मनाया गया काला दिवस, स्थायी राजधानी की मांग तेज

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ख़बर रफ़्तार , गैरसैंण : गैरसैंण के रामलीला मैदान में स्थायी राजधानी संघर्ष समिति गैरसैंण के तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कांग्रेस, उत्तराखंड क्रांति दल (UKD), स्थायी राजधानी संघर्ष समिति गैरसैंण और राजधानी गैरसैंण समिति से जुड़े लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम के दौरान सभी लोग रामलीला मैदान में एकत्र हुए और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद रामपुर तिराहा गोलीकांड के शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने गांधी जयंती के अवसर पर ‘रघुपति राघव राजा राम’ गीत भी गाया। इसके बाद गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

रामलीला मैदान से मुख्य चौराहे तक निकाली रैली

कार्यक्रम के बाद प्रदर्शनकारियों ने गैरसैंण रामलीला मैदान से नगर पंचायत कार्यालय होते हुए मुख्य चौराहे तक रैली निकाली। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार से गैरसैंण को जल्द से जल्द उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने सरकार से राजधानी के मुद्दे पर जल्द फैसला लेने की मांग की।

‘गैरसैंण से उठी आवाज देहरादून तक जाएगी’

स्थायी राजधानी संघर्ष समिति गैरसैंण के अध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट ने कहा कि गैरसैंण में हो रहे प्रदर्शन की आवाज देहरादून तक जाएगी। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि सरकार को राजधानी के मुद्दे पर जल्द निर्णय लेना चाहिए, अन्यथा इसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

18 अक्टूबर से हल्द्वानी में क्रमिक अनशन की घोषणा

राजधानी गैरसैंण समिति के संयोजक और उत्तराखंड के पूर्व सचिव (IAS) विनोद प्रसाद रतूड़ी ने बताया कि गैरसैंण में स्थायी राजधानी की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और धरना दिया गया है।

उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए 18 अक्टूबर से हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस आंदोलन को लेकर 31 अक्टूबर तक की रणनीति तैयार कर ली गई है।

UKD ने रामपुर तिराहा गोलीकांड को बताया दुखद अध्याय

UKD युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशुतोष नेगी ने कहा कि 2 अक्टूबर का दिन उत्तराखंड के लिए शोक का दिन है। उन्होंने आरोप लगाया कि रामपुर तिराहे पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे थे, लेकिन तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार के दौरान उन पर गोली चलाई गई।

आशुतोष नेगी ने कहा कि इस घटना में 7 राज्य आंदोलनकारी शहीद हुए, जिन्हें आज याद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामपुर तिराहा गोलीकांड की घटना को लेकर हर साल 2 अक्टूबर को काला दिवस मनाया जाता है।

स्थायी राजधानी को लेकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान

गैरसैंण में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड की स्थायी राजधानी का मुद्दा लंबे समय से आंदोलन का विषय रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग दोहराई।

कार्यक्रम में शामिल संगठनों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। हल्द्वानी में प्रस्तावित क्रमिक अनशन को इसी आंदोलन की अगली कड़ी बताया गया है।

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