ख़बर रफ़्तार, देहरादून : Badrinath Dham में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। इस विवाद में अब पूर्व बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) अध्यक्ष गणेश गोदियाल का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मंदिर समिति अध्यक्ष अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए उनके कार्यकाल पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। गोदियाल ने कहा कि यदि उनके कार्यकाल में किसी भी तरह की अनियमितता के प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
गणेश गोदियाल ने कहा कि उनके कार्यकाल में लिए गए सभी फैसले शासन और मंदिर समिति बोर्ड की स्वीकृति से किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि यदि उनके कार्यकाल में एक रुपये की भी अनियमितता साबित होती है, तो वह उसकी पूरी जिम्मेदारी स्वीकार करने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने वर्तमान कार्यकाल में सामने आए चढ़ावा चोरी के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग दोहराई।
चढ़ावा चोरी के आरोप के बाद कर्मचारियों को जारी हुए नोटिस
पूरा विवाद तब सामने आया जब भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) सोहन सिंह राघड़ को पत्र लिखकर मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता का आरोप लगाया। पत्र में मंदिर समिति अध्यक्ष के निजी सहायक के खिलाफ जांच और उचित कार्रवाई की मांग की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद मुख्य कार्याधिकारी ने अध्यक्ष के निजी सहायक सहित कई कर्मचारियों को नोटिस जारी किया। अधिकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कुछ कर्मचारी और अध्यक्ष के निजी सहायक कथित रूप से चढ़ावे की राशि की गिनती करते दिखाई दिए हैं। इसी आधार पर मामले की जांच शुरू की गई है।
जांच पर टिकी सबकी निगाहें
चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद मामला धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक बहस का विषय भी बन गया है। एक ओर विपक्ष इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मंदिर समिति और संबंधित अधिकारी जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है।
