आखिर क्यों टारगेट लिस्ट से गायब था एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल का नाम?

खबर रफ्तार, वर्ल्ड डेस्क: टारगेट लिस्ट अमेरिका में हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम को निशाना बनाने की एक कथित साजिश ने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। इस मामले में आरोपी कोल एलन के पास से मिले एक दस्तावेज (मैनीफेस्टो) की जांच में पता चला है कि उसने ट्रंप की टीम के कई सदस्यों को टारगेट किया था, लेकिन एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल का नाम उसने अपनी सूची से हटा दिया था।

जांच एजेंसियां अब यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर काश पटेल को क्यों छोड़ा गया। शुरुआती जांच में दो मुख्य कारण सामने आ रहे हैं। पहला, उनकी धार्मिक पहचान—कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपी की विचारधारा में ईसाई धर्म को लेकर विरोध था, जबकि हिंदू धर्म के प्रति ऐसा कोई विशेष विरोध नहीं दिखा। इसी वजह से माना जा रहा है कि काश पटेल का नाम सूची में शामिल नहीं किया गया।

दूसरा कारण यह बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपने हमले के लिए कुछ नियम तय किए थे, जिनमें कानून प्रवर्तन अधिकारियों को सीधे निशाना न बनाने की बात भी शामिल थी। चूंकि काश पटेल एफबीआई के शीर्ष अधिकारी हैं, इसलिए संभव है कि उन्हें इसी कारण बाहर रखा गया हो।

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हालांकि यह थ्योरी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, क्योंकि हमले के दौरान एक सुरक्षा अधिकारी घायल भी हुआ था, जिसे उसकी बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचा लिया।

यह घटना 25 अप्रैल को वाशिंगटन के एक हिल्टन होटल में हुई थी, जहां आरोपी भारी हथियारों के साथ घुसने की कोशिश कर रहा था। सीक्रेट सर्विस ने समय रहते उसे रोक लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया और ट्रंप समेत सभी वीवीआईपी सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।

फिलहाल कोल एलन पर हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर आरोपों में केस दर्ज है और जांच जारी है।

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