खबर रफ्तार, राज्यसभा: राज्यसभा में राजनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव की खबर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने/विलय को सभापति की मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद सदन में दलों की ताकत का संतुलन बदल गया है।
आधिकारिक संसद रिकॉर्ड में भी इन सांसदों की स्थिति में बदलाव किया गया है, जिसके चलते भाजपा की संख्या में वृद्धि और आप की उपस्थिति में गिरावट दर्ज की जा रही है।
कैसे हुआ बदलाव?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, संबंधित सांसदों ने सभापति को पत्र देकर स्वयं को भाजपा का हिस्सा मानने की इच्छा जताई थी। इसके बाद इस पर निर्णय लिया गया और प्रक्रिया को मंजूरी दी गई।
आप का विरोध
इस घटनाक्रम पर आम आदमी पार्टी ने आपत्ति जताई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह दल-बदल का मामला है और इस आधार पर इन सांसदों की सदस्यता समाप्त करने की मांग भी की गई है। आप नेताओं का कहना है कि यह कदम राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से गंभीर है।
भाजपा की प्रतिक्रिया
वहीं भाजपा की ओर से इस घटनाक्रम का स्वागत किया गया है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि नए साथियों के आने से संगठन और मजबूत होगा तथा संसद में कामकाज को नई दिशा मिलेगी।
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राज्यसभा में असर
इस बदलाव के बाद सदन में भाजपा की संख्या बढ़ने और आप की घटने का दावा किया जा रहा है, जिससे उच्च सदन के राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखा जा रहा है।

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