यूपी के इस लोकसभा में दिखा था रामलहर, जमानत तक नहीं बचा पाए थे दिग्गज

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ख़बर रफ़्तार, सिद्धार्थनगर: एशियन एज की राजनीतिक संपादक रह चुकी सीमा मुस्तफा भी डुमरियागंज लोकसभा से चुनाव लड़ चुकी हैं। लेकिन 1991 के रामलहर में उनके साथ ही कई लोगों की जमानत जब्त हो गई थी। इसमें बृजभूषण तिवारी जैसे दिग्गज राजनीतिज्ञ भी शामिल हैं।

बृजभूषण तिवारी उस समय जनता पार्टी से चुनाव लड़े थे। बृजभूषण तिवारी बाद में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। उन्हें 51176 मत मिले थे, जबकि शरद चंद्र सिन्हा की इंडियन सोशलिस्ट कांग्रेस से चुनाव लड़ी पत्रकार सीमा मुस्तफा को सिर्फ 49553 मत मिले थे।
उस समय भाजपा के रामपाल सिंह अपने पहले ही प्रयास में सफल हो गए थे। रामपाल सिंह सिंचाई विभाग में अधिशासी अभियंता थे। वह वर्ष 1989 में लखनऊ से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्त होने के बाद वह भाजपा से जुड़े और 1991 में डुमरियागंज से चुनाव लड़े।

उन्हें कुल एक लाख 97 हजार 748 मत मिले थे, जबकि कांग्रेस की मोहसिना किदवई को एक लाख 39 हजार 631 मत मिले थे। मोहसिना किदवई 1973 से 1989 तक वह केंद्र के कई विभागों की मंत्री रहीं। मोहसिना किदवई चुनाव हार गईं, लेकिन वह अपनी जमानत बचाने में सफल रहीं। 1991 के चुनाव में पांच लाख छह हजार 811 लोगों ने मतदान किया था। सीमा मुस्तफा वर्तमान में द सिटिजन की संपादक हैं।

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