ख़बर रफ़्तार, ढाका : बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमले थम नहीं रहे। शरियतपुर जिले में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाए गए हिंदू दुकानदार खोकन दास की अस्पताल में मौत हो गई।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शरियतपुर जिले के बाजार में मेडिकल स्टोर चलाने वाले हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की शनिवार सुबह ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट में इलाज के दौरान मौत हो गई। नए साल की पूर्व संध्या पर हमलावरों ने उन पर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था।
स्थानीय अखबार प्रथम आलो के अनुसार, यह घटना 31 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे दामुदिया उपजिला के कोनेश्वर यूनियन स्थित केउरभांगा बाजार के पास हुई। दुकान बंद कर घर लौट रहे खोकन दास को रास्ते में बदमाशों ने रोका, धारदार हथियारों से हमला किया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग से बचने की कोशिश में खोकन दास पास के तालाब में कूद गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें पहले शरियतपुर सदर अस्पताल और फिर ढाका रेफर किया गया था।
परिवार का दर्द और इंसाफ की मांग
खोकन दास की पत्नी सीमा दास, गोद में छोटे बच्चे को लिए फूट-फूटकर रोती नजर आईं। उन्होंने कहा मेरे पति रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके पति ने दो हमलावरों को पहचान लिया था, इसी वजह से बदमाशों ने उनकी हत्या की नीयत से पेट्रोल डालकर आग लगा दी। उन्होंने कहा कि परिवार की किसी से दुश्मनी नहीं है और किसी तरह का कोई विवाद भी नहीं था, फिर भी इस तरह का हमला क्यों हुआ, यह समझ से बाहर है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। खोकन दास के रिश्तेदार प्रांतो दास ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
पुलिस का क्या कहना है?
दामुदिया थाने के प्रभारी मोहम्मद रबिउल हक के अनुसार, पुलिस ने दो आरोपियों रब्बी और सोहाग की पहचान कर ली है। दोनों स्थानीय निवासी हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश जारी है।

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