‘उड़ान’ फेम एक्ट्रेस कविता चौधरी का 67 साल की उम्र में निधन

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ख़बर रफ़्तार, देहरादून : ‘उड़ान’ फेम अभिनेत्री कविता चौधरी का हार्ट अटैक से निधन हो गया है.  कविता ने दूरदर्शन के बेहद पॉपुलर सीरियल  ‘उड़ान’ में आईपीएस अफसर कल्याणी सिंह का रोल निभाकर बेहद पॉपुलैरिटी हासिल की थी.  कविता चौधरी की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है. वे 67 साल की थीं. वहीं एक्ट्रेस के निधन की खबर से फैंस सदमे में पहुंच गए हैं और सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजली अर्पित कर रहे हैं.

गुरुवात रात हुई थी कविता चौधरी की मौत
नैशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में कविता चौधरी के  बैचमेट रहे अभिनेता अनंग देसाई ने एबीपी न्यूज़ को दी जानकारी में कविता चौधरी की‌ कल रात मौत होने की पुष्टि की. वहीं कविता चौधरी के भतीजे अजय सयाल ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि पिछले तीन-चार दिनों से कविता चौधरी अमृतसर के पार्वती देवी अस्पताल में भर्ती थीं जहां उनका इलाज चल रहा था.कल रात 8.30 बजे अमृतसर के ही अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली.

अमृतसर में होगा कविता चौधरी का अंतिम संस्कार
बता दें कि  कविता चौधरी पिछले कुछ सालों से कैंसर से भी जूझ रही थीं और एक लम्बे वक्त से उनका इलाज चल रहा था.कविता चौधरी के भतीजे अजय सयाल ने‌ यह जानकारी भी दी कि इस वक्त अमृतसर में ही कविता चौधरी का अंतिम संस्कार किया जा रहा है.

‘उड़ान’ से मिली थी कविता चौधरी को पहचान
‘उड़ान’ 1989 में टेलीकास्ट हुआ था और शो में कविता ने आईपीएस अधिकारी कल्याणी सिंह की भूमिका निभाई थी. उन्होंने शो का लेखन और निर्देशन भी किया था. ये शो उनकी बहन कंचन चौधरी भट्टाचार्य के जीवन पर आधारित था, जो किरण बेदी के बाद दूसरी आईपीएस अधिकारी बनी थीं.

उस समय, कविता अपने शो उडान के जरिये महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गई थीं क्योंकि फिल्मों और टेलीविजन में महिला आईपीएस अधिकारियों का ज्यादा प्रतिनिधित्व नहीं था.  बाद में अपने करियर में कविता ने ‘योर ऑनर’ और ‘आईपीएस डायरीज़’ जैसे शो का निर्माण किया.

सर्फ के एड से भी मिली थी राफी पॉपुलैरिटी
कविता को 1980 और 1990 के दशक में फेमस सर्फ विज्ञापनों में ललिताजी की भूमिका निभाने के लिए भी जाना जाता था. एड में उन्होंने एक बुद्धिमान गृहिणी की भूमिका निभाई थी जो अपने पैसे खर्च करते समय  हमेशा सही चुनाव करती है.विज्ञापनों में अपने किरदार के बारे में बात करते हुए, उन्होंने द क्विंट को बताया था, “ललिता जी एक नॉन सेंस (किरदार) थीं, जो मेरी शख्सियत नहीं थी, लेकिन उन्हें बस लगा कि मैं इसके स्वर को समझने में सक्षम हो सकती हूं. उन्होंने अभिनेता की समझ पर भरोसा किया.”

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