खबर रफ्तार, रुड़की: सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बीच शिक्षिका की मेहनत रंग लाई। नवाचार और समर्पण से शिक्षिका रेखा बुडकोटी ने विद्यालय की तस्वीर बदल दी।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सफीपुर में कभी संसाधनों की भारी कमी हुआ करती थी वहीं, आज यही स्कूल शिक्षा के नए मॉडल के रूप में पहचान बना रहा है। इस परिवर्तन के पीछे शिक्षिका रेखा बुडकोटी की अथक मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच सबसे बड़ा कारण बनी है।
शिक्षिका रेखा ने विद्यालय में स्कूल प्रभारी पद का कार्यभार संभालते ही यह ठान लिया था कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, बच्चों की शिक्षा से समझौता नहीं होगा। शुरुआती दिनों में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बच्चों की कम रुचि, अभिभावकों की उदासीनता और संसाधनों की कमी बड़ी बाधा थीं लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनके अथक प्रयासों और एनजीओ के सहयोग से अब विद्यालय का स्वरूप ही बदल गया है।

+ There are no comments
Add yours