ख़बर रफ़्तार, नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार सुबह निधन हो गया। उन्होंने लातूर में 90 साल की आयु में अंतिम सांस ली। पाटिल लंबे से बीमार चल रहे थे।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने आज सुबह महाराष्ट्र के लातूर में अंतिम सांस ली। पाटिल 90 साल के थे। सुबह करीब 6:30 बजे उनका लातूर स्थित अपने घर में निधन हो गया। शिवराज पाटिल लंबे समय से बीमार चल रहे थे, जिसके चलते उनका घर पर ही इलाज किया जा रहा था। उनका पूरा नाम शिवराज पाटिल चाकुरकर था। उन्होंने लोकसभा के सभापति और विभिन्न केंद्रीय मंत्री के पद की जिम्मेदारी संभाली है।
उनका अंतिम संस्कार शनिवार को होने की उम्मीद है। उनके परिवार में उनके बेटे शैलेश पाटिल, बहू अर्चना, जिन्होंने पिछले साल लातूर शहर से कांग्रेस के अमित देशमुख के खिलाफ BJP के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, और दो पोतियां हैं।
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने पाटिल के निधन पर गहरी संवेदना जताई है। उन्होंने कहा, “मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि दुखी परिवार को हिम्मत दें। शिवराज पाटिल बहुत अनुशासित नेता थे। वह अपने व्यवहार के लिए जाने जाते थे और उनके अनुशासन की बहुत तारीफ होती थी।”
शिवराज पाटिल का जीवन
- महाराष्ट्र के लातूर जिले में जन्म
- 1973-1980 तक महाराष्ट्र विधानसभा में विधायक रहे
- 1980-1999 के बीच लगातार सात बार चुनाव जीतकर संसद पहुंचे
- पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में रक्षा मंत्री रहे
- राजीव गांधी नीत सरकार में नागर विमानन मंत्रालय भी संभाला
- लोकसभा स्पीकर बनने के बाद संसद में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की शुरुआत का श्रेय
- 2008 में मुंबई आतंकी हमले के बाद 2010-2015 तक पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक रहे

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