खबर रफ्तार, नई दिल्ली : कांग्रेस नेता उदित राज ने चुनाव आयोग से पूछा है कि जब देश में आधार और डिजिटल भुगतान जैसी बड़ी व्यवस्थाएं डिजिटल हैं, तो मतदाता सूची सभी को इलेक्ट्रॉनिक रूप में क्यों नहीं दी जा रही। पार्टी का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और डुप्लीकेशन रुकेगा।
देश में डिजिटल पहचान और डिजिटल भुगतान की बड़ी व्यवस्था खड़ी हो चुकी है, लेकिन मतदाता सूची को पूरी तरह डिजिटल रूप में सभी के लिए उपलब्ध न कराने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि जब 1.4 अरब लोगों का आधार डाटा डिजिटल है तो वोटर लिस्ट को इलेक्ट्रॉनिक रूप में देने में दिक्कत क्यों है। उन्होंने चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि जब डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य आईडी और अन्य सेवाएं सफलतापूर्वक चल रही हैं, तो मतदाता सूची को भी पूरी तरह डिजिटल और सार्वभौमिक रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। पार्टी का तर्क है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और दोहराव या गड़बड़ी की आशंका कम होगी।
चुनाव आयोग की ओर से इस पर औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यह मुद्दा ऐसे समय उठा है जब देश में डिजिटल शासन को लेकर सरकार की उपलब्धियों की चर्चा हो रही है। अब देखना होगा कि मतदाता सूची के डिजिटलीकरण को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या सभी नागरिकों को इलेक्ट्रॉनिक पहुंच मिलती है।

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