Nainital: बंद क्लासरूम, उलझे ख्वाब: बच्चों के भविष्य पर हड़ताल की मार

खबर रफ़्तार, नैनीताल : भीमताल (नैनीताल)। लगातार 12 दिन तक शिक्षकों के चॉकडाउन हड़ताल से बच्चों की पढ़ाई ठप रही। इसका असर यह हुआ कि स्कूलों में कोर्स का दस फीसदी पाठ्यक्रम प्रभावित हुआ है। फिलहाल हड़ताल पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी बच्चों की पढ़ाई पर संकट बने रहने की आशंका है।

जिले में 191 हाईस्कूल, इंटर कॉलेज हैं। इन विद्यालयों में तीन हजार से अधिक शिक्षक तैनात हैं। सालभर में 365 में से 170 दिन कक्षाएं संचालित होती हैं। शेष दिन में शिक्षकों की छुट्टी, खेल प्रतियोगिता, सीएल, आपदा समेत अन्य कारणों के चलते पढ़ाई प्रभावित रहती है। इधर अगस्त में शिक्षकों की हड़ताल से विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम दस प्रतिशत प्रभावित हुआ है। इस दौरान जिले में तैनात करीब 200 अतिथि शिक्षकों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए मोर्चा संभाला था जो स्कूलों की संख्या के आगे नाकाफी रहा। यही वजह है कि दस प्रतिशत पाठ्यक्रम प्रभावित हुआ है।

पदोन्नति, स्थानांतरण की मांग के लिए चल रहा आंदोलन
राजकीय शिक्षक संघ के आह्वान पर शिक्षकों का लंबे समय से पदोन्नति, वार्षिक स्थानांतरण, प्रधानाचार्य के पदों पर सीधी भर्ती निरस्त करने समेत अन्य मांगें को लेकर आंदोलन चल रहा है।

शिक्षकों के अकारण हड़ताल पर रहने से अगस्त में दस प्रतिशत पाठ्यक्रम प्रभावित हुआ है। इसका खामियाजा बच्चों को उठाना पड़ा है। सरकार और निदेशालय स्तर से आगे जो भी निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

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