ख़बर रफ़्तार, नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी घरेलू विमानन सेवा इंडिगो अपने इतिहास के सबसे बड़े परिचालन संकट का सामना कर रही। पिछले छह दिनों में सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं, हवाई अड्डों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। एयरलाइन ने रिफंड, शुल्क माफी और हवाई परिवहन की सुविधाएं दीं। यह एयरलाइन संकट क्यों खड़ा हुआ और अब तक क्या-क्या हुआ, पढ़िए-
नियामक एजेंसियों ने दखल दिया। किराए पर नियंत्रण और एडवाइजरी जारी की। जबकि एयरलाइन ने शुल्क माफ करने, रिफंड देने और चरणबद्ध तरीके से सेवाएं बहाल करने की घोषणा। इंडिगो और टाटा समूह की एअर इंडिया का 91 फीसदी बाजार हिस्सेदारी है, इसलिए सामान्य स्थिति में लौटने में समय लगेगा।
संकट के क्या कारण है?
योजना में कमी
नियमों में अस्थायी छूट
डीसीजीए ने पांच दिसंबर को ए320 बेड़े को 10 फरवरी, 2026 तक कुछ रात की उड़ान और लैंडिंग नियमों से अस्थायी छूट दी।
डीसीजीए ने पांच दिसंबर को ए320 बेड़े को 10 फरवरी, 2026 तक कुछ रात की उड़ान और लैंडिंग नियमों से अस्थायी छूट दी।
किराया सीमा और जांच
किराया बढ़ने पर सरकार ने छह दिसंबर को दखल दिया और सभी एयरलाइनों को किराया सीमा का पालन करने का आदेश दिया। डीजीसीए ने सीईओ और प्रबंधक को 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया।
किराया बढ़ने पर सरकार ने छह दिसंबर को दखल दिया और सभी एयरलाइनों को किराया सीमा का पालन करने का आदेश दिया। डीजीसीए ने सीईओ और प्रबंधक को 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया।
संकट प्रबंधन समूह बनाया
इंडिगो ने निदेशक बोर्ड के अध्यक्ष विक्रम सिंह मेहता और अन्य निदेशकों ने संकट प्रबंधन समूह (क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप) बनाया। सीईओ पीटर एल्बर्स भी इस समूह का हिस्सा हैं और नियमित अपडेट ले रहे हैं।




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