खबर रफ़्तार, लखनऊ: आर्थिक अपराध की कम समय में जांच कर निस्तारित करने के लिए आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने केस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर (सीएमएस) तैयार किया है। इसके माध्यम से आर्थिक अपराध करने वाले अपराधियों को मजबूती से शिकंजा कसा जा सकेगा।
इसके माध्यम से अब मामलों की जांच कर रही टीम की 24 घंटे ऑन लाइन मानीटरिंग की जाएगी। नये साफ्टवेयर से पत्राचार करने का समय बचेगा जिससे त्वरित कार्रवाई हो सकेगी। सोमवार को इसका उद्घाटन डीजीपी राजीव कृष्ण ने राज्य स्तरीय कार्यशाला में किया।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने इसके साथ ही ईओडब्ल्यू के नए लोगो, जागरूकता के लिए तैयार की गई बुकलेट, पंपलेट व जागरूकता अभियान चलाने के लिए बनाई गई लघु फिल्म का भी उद्घाटन किया। कार्यक्रम का आयोजन पुलिस मुख्यालय सिग्नेचर बिल्डिंग सभागार में किया गया था। इस अवसर पर डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि आर्थिक अपराध से लोगों की जीवन भर की पूंजी प्रभावित होती है। ऐसे में ईओडब्ल्यू के नए नवाचार लोगों को राहत प्रदान करेंगे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद सीबीआई के संयुक्त निदेशक अशोक कुमार ने कहा कि आर्थिक अपराधों के स्वरूप बहुआयामी हो चुके हैं। बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी प्लॉट, पोंजी योजनाएं और चिटफंड जैसे मामलों में लोग सीधे प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में तकनीकी का प्रयोग कर इस पर काबू पाना जरूरी है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का आभार डीजी ईओडब्ल्यू नीरा रावत ने किया।

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