पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी: ईरान का सऊदी अरब पर जोरदार हमला, पांच अमेरिकी एयर-टैंकर विमान क्षतिग्रस्त

खबर रफ्तार, रियाद : पश्चिम एशिया में भड़की जंग अब और खतरनाक मोड़ लेती दिख रही है। दो हफ्तों से जारी इस संघर्ष के बीच ईरान ने अब सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर जोरदार वार कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमला किया, जिससे अमेरिकी वायुसेना के पांच एयर-टैंकर विमान जमीन पर ही क्षतिग्रस्त हो गए।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहे मोर्चे पर ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब 15वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इसी उग्र हालात के बीच सऊदी अरब से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि ईरान ने सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी एयरबेस पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिसमें अमेरिकी वायुसेना के कई विमान क्षतिग्रस्त हो गए।

इसके साथ ही ईरान ने सऊदी के प्रिंस सुल्तान एयर बेस को भी निशाना बनाया और खूब बम बरसाए। इन हमलों में वहां खड़े पांच अमेरिकी वायु सेना के पांच रिफ्यूअलिंग (तेल भरने वाले) विमान क्षतिग्रस्त हो गए। सूत्रों के अनुसार, विमान पूरी तरह नष्ट नहीं हुए हैं और उन्हें मरम्मत के लिए भेजा गया है। हमले में किसी के घायल होने या मौत की सूचना नहीं मिली है।

पश्चिमी इराक से कुवैत तक, ये भी जानिए
इससे पहले, पश्चिमी इराक में एक अमेरिकी केसी‑135 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान पर सवार सभी छह क्रू मेंबर की मौत हो गई थी। इसके अलावा, एक मार्च को कुवैत में तीन अमेरिकी F‑15 लड़ाकू विमान फ्रेंडली फायर की वजह से गिर गए, लेकिन सभी एयरक्रू सुरक्षित रहे। रिपोर्ट्स में कहा गया कि कुवैत का एक F‑18 विमान गलती से इन F‑15 विमानों को मार गिरा।
पश्चिम एशिया में संघर्ष सातवें आसमान पर
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया पिछले 15 दिनों से बारूद की ढेर पर खड़ा है। इसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले के साथ शुरू हुई थी, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत भी हो गई थी। इसके बाद से ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई के तौर पर इस्राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर खूब बमबारी की, जिसके बाद से पश्चिम एशिया में तनाव सातवें आसमान पर पहुंच गया है और इसका असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है।

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