खबररफ़्तार , चमोली : उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकासखंड स्थित सिमल्ट गांव में भूस्खलन के कारण पुश्तैनी मकानों में दरारें आने से चार परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को टेंट उपलब्ध कराए हैं। ग्रामीण दिन के समय अपने घरों में जरूरी काम के लिए आते-जाते हैं, लेकिन रात में सोने के लिए टेंट में लौट जाते हैं। टेंट में बिजली की सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है।
टेंट में बिजली नहीं, लालटेन और मोमबत्ती के सहारे रात
सिमल्ट गांव में प्रभावित परिवारों को अपने पुश्तैनी घरों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। रीना देवी, कमला देवी और विमला देवी समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि मकानों में दरारें आने के बाद रात में घरों के भीतर रहना सुरक्षित नहीं लग रहा है। ऐसे में उन्हें टेंट में शरण लेनी पड़ रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक, टेंट में बिजली की व्यवस्था नहीं होने से रात के समय काफी परेशानी होती है। रोशनी के लिए लालटेन और मोमबत्ती का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके अलावा खेतों के आसपास जंगली सूअर और गुलदार की आवाजाही का खतरा भी बना रहता है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन्हें कब तक अपने घरों से दूर टेंट में रहना पड़ेगा और उनके पुश्तैनी मकानों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन ने उपलब्ध कराए टेंट, रेडक्रॉस ने भी की मदद
गांव में मकानों में दरारें आने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत की थी। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चार परिवारों को टेंट उपलब्ध कराए गए, ताकि वे फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रात गुजार सकें।
रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से भी प्रभावित परिवारों को सहायता दी गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि उनकी समस्याओं को दूर करने और आवश्यक मदद उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
भूगर्भीय सर्वे के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने सिमल्ट गांव में भूस्खलन और मकानों में आई दरारों की स्थिति का आकलन करने के लिए भूगर्भीय सर्वे कराने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए शासन को पत्रावली भेजी गई है और विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है।
सर्वे रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का आकलन किया जाएगा। यदि जांच में दूसरे मकानों में भी दरारें या खतरे के संकेत सामने आते हैं, तो उन घरों के संबंध में भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
प्रभावित परिवारों से लगातार संपर्क में प्रशासन
कर्णप्रयाग के उप जिलाधिकारी अलकेश नौडियाल के मुताबिक, प्रशासन प्रभावित परिवारों के संपर्क में है और उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल ग्रामीणों के पास खाद्यान्न की कमी नहीं है।
प्रशासन का कहना है कि भूगर्भीय सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तब तक प्रभावित परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे।
फिलहाल सिमल्ट गांव के चार परिवार टेंट में रहने को मजबूर हैं। उनकी निगाहें भूगर्भीय सर्वे रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
