बीबीए छात्र ने की शराब कारोबारी पिता की हत्या, लाश के किए टुकड़े, ड्रम में मिला सिर और धड़

खबर रफ्तार, लखनऊ : लखनऊ में बीबीए छात्र ने शराब कारोबारी पिता की हत्या कर दी। इसके बाद लाश के टुकड़े किए। हाथ-पैर ठिकाने लगा दिए, जबकि सिर सहित धड़ ड्रम में मिला है। आरोपी ने पिता को नीट की पढ़ाई का दबाव बनाने पर गोली मारकर हत्या की थी। आरोपी ने जब पिता की हत्या की तब छोटी बहन भागकर कमरे में पहुंची थी। लेकिन आरोपी ने जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया। उसे चार दिन तक घर में बंद करके रखा था।

लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल-91 में 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह ने जब शराब कारोबारी पिता मानवेंद्र सिंह (49) की गोली मारकर हत्या की, उस वक्त उसकी छोटी बहन कृति अपने कमरे में थी। गोली चलने की आवाज सुनकर वह भागकर भाई के पास पहुंची। कमरे के अंदर का नजारा देखकर कृति सन्न रह गई। फर्श पर पिता का शव देखकर वह चीख पड़ी। इस पर अक्षत ने जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया।

पिता की हत्या से दहशत में आई कृति कुछ नहीं कर सकी। अक्षत ने उसे चार दिन तक घर में बंद करके रखा। इस दौरान वह पिता के शव के टुकड़े कर ठिकाने लगाता रहा।

बीबीए की पढ़ाई कर रहा था आरोपी बेटा
कृति अब भी डरी हुई है। पुलिस ने उसकी काउंसिलिंग की। घटना के खुलासे के वक्त जब उसके परिवार वाले बिलख रहे थे तब कृति शांत थी। अक्षत टीएस मिश्रा कॉलेज से बीबीए की पढ़ाई कर रहा था। कृति एलपीएस में 11वीं की छात्रा है। मानवेंद्र सालेह नगर व बुद्धेश्वर में वर्धमान नाम से पैथालॉजी भी चलाते थे। उनकी पत्नी का वर्ष 2017 में देहांत हो गया था।

पड़ोसियों को लगातार गुमराह करता रहा अक्षत
पिता की हत्या के बाद अक्षत बार-बार घर से बाहर जा रहा था। पड़ोसियों के पूछने पर उसने कहा कि पिता 19 फरवरी को काम से दिल्ली गए थे और फिर नहीं लौटे। अक्षत ने ही 20 फरवरी को इसकी शिकायत थाने में की थी, ताकि उस पर कोई शक न करे। 

पड़ोसियों के पूछने पर उसने कहा कि पुलिस से शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस पर पड़ोसी उसे लेकर थाने पहुंचे। थाने से सुनवाई नहीं होने पर एडीसीपी से शिकायत की गई।

घर से बाहर जाते नहीं दिखे मानवेंद्र तो गहराया शक
पड़ोसियों ने घरों के बाहर लगे कैमरे में 19 फरवरी की रात की फुटेज खंगाली। रात 12 बजे के करीब मानवेंद्र अपनी कार से घर के भीतर जाते नजर आए। इसके बाद से वह बाहर निकले ही नहीं।

फुटेज में पड़ताल में अक्षत कार लेकर जाते दिखाई दिया। लोकेशन निकलवाने पर वह सदरौना में पाया गया। इसके बाद लोगों ने संदेह के आधार पर पुलिस को सूचना दी।

लखनऊ में रिश्तों का कत्ल: यह था पूरा मामला
लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उन्हीं के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर दोनों हाथ व पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए। सिर सहित धड़ घर के भीतर ड्रम से बरामद किया गया है। पुलिस ने बेटे के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, 21 फरवरी को आशियाना थाने पर मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। पुलिस ने सचिवालय सुरक्षा में तैनात मानवेंद्र के भाई अरविंद कुमार से मामले की जानकारी ली। इसके बाद अक्षत से पूछताछ की तो पता चला कि मानवेंद्र बेटे पर नीट परीक्षा की तैयारी का दबाव बना रहे थे।

अक्षत ने पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मारी
20 फरवरी को सुबह 4:30 बजे इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हो गया। गुस्से में आकर अक्षत ने पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त अक्षत की छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी।
Lucknow murder Sister kept locked in house for 4 days son hacked father to pieces and tried to dispose of him

मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा
आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पिता का शव कमरे में पड़ा था। मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह जालौन में रहते हैं। घटना की सूचना पर आशियाना पहुंच गए हैं। पुलिस ने शव के टुकड़ों को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया है। हाथ और पैर बरामद कर लिए गए हैं।

हाथ-पैर फेंके, सिर सहित धड़ घर में ड्रम में मिला
वारदात मकान के तीसरे तल पर हुई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद वह शव को घसीटते हुए भूतल पर लाया। यहां खाली कमरे में शव रख दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।

पहले कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने की साजिश रची, लेकिन शव का वजन ज्यादा था। इससे वह अकेले ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद आरी खरीदकर लाया और पिता के शव के टुकड़े कर दिए।
Lucknow murder Sister kept locked in house for 4 days son hacked father to pieces and tried to dispose of him
धड़ ठिकाने नहीं लगा सकने पर नीला ड्रम खरीदकर लाया और उसमें डाल दिया। इससे पहले कि अक्षत धड़ को ठिकाने लगाता उसकी करतूत उजागर हो गई।

आरोपी बोला, पिता ने निकाली थी राइफल
अक्षत प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। पूछताछ में बताया कि पिता उस पर नीट निकालने के लिए दबाव बना रहे थे। घटना के समय बातचीत के दौरान उसने इसकी तैयारी करने से मना कर दिया था।

इस पर मानवेंद्र भड़क गए और उस पर लाइसेंसी राइफल तान दी थी। आरोपी ने पुलिस को बताया कि राइफल छीनने की कोशिश के दौरान पिता को गोली लग गई। हालांकि, पिता के शव के टुकड़े करने के सवाल पर उसने चुप्पी साध ली।

नीला ड्रम फिर चर्चा में
मेरठ के ब्रह्मपुरी के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में नीला ड्रम चर्चा में आया था। सौरभ की हत्या करके पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल शुक्ला ने शव को ट्रॉली बैग में रखकर ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। शव के चार टुकड़े कर दिए थे, पर वह बैग में नहीं आया। ट्रॉली बैग का कुंडा भी टूट गया था।

इसके बाद उन्होंने नीले ड्रम में शव को रखकर सीमेंट भर दिया था। अक्षत ने भी शव के टुकड़े कर धड़ को नीले ड्रम में भर दिया। पुलिस ने ड्रम, आरी, कार और अन्य सामान कब्जे में लिया है। फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए हैं।

 

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