ख़बररफ़्तार , चमोली : चमोली जिले के नारायणबगड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में उच्चीकृत करने की मांग को लेकर क्षेत्रवासी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के सातवें दिन जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने धरना स्थल से मुख्य बाजार तक रैली निकाली। इसके बाद प्रदर्शनकारी मुख्य बाजार से परखाल पुल तक पहुंचे और सरकार तथा शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांग उठाई।
प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। आंदोलनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि लोगों को सामान्य इलाज के लिए भी दूर के अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े।
स्थानीय अस्पताल पर निर्भर है बड़ी आबादी
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, नारायणबगड़ और आसपास के क्षेत्रों के लोग उपचार के लिए स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। लेकिन अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को कई बार इलाज के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उच्चीकृत किए जाने से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इसी मांग को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि समस्या का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, जल्द कार्रवाई की मांग
आंदोलनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम उपजिलाधिकारी थराली के माध्यम से ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में नारायणबगड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मांग की गई है।
क्षेत्रवासियों ने सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को गंभीरता से लेने और अस्पताल के उच्चीकरण की दिशा में जल्द आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने से क्षेत्र के लोगों को समय पर उपचार मिल सकेगा और दूर-दराज के अस्पतालों पर उनकी निर्भरता कम होगी।
सरकार के प्रतिनिधि से वार्ता होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
क्षेत्र पंचायत सदस्य नीरज नेगी और विपिन परिहार ने कहा कि नारायणबगड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसके बावजूद मांग पूरी नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार का कोई प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से बातचीत नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (ACMO) ने भी आंदोलनकारियों से बातचीत की। हालांकि, इस बातचीत के दौरान क्या आश्वासन दिया गया और आगे की कार्रवाई को लेकर क्या निर्णय हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रदर्शन में कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल
आंदोलन में जिला पंचायत सदस्य प्रदीप बुटोला, सुरी कनेरी और साक्षी नेगी शामिल रहे। इनके अलावा ज्येष्ठ उप प्रमुख देवराज रावत, उत्तराखंड क्रांति दल के नेता मोहन राम आर्या और प्रकाश राम तथा विक्रम राम महर सहित कई अन्य लोगों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर सरकार से नारायणबगड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकृत करने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि लोगों को अपने क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
फिलहाल आंदोलनकारियों ने मांग पूरी होने और सरकार की ओर से बातचीत के लिए प्रतिनिधि भेजे जाने तक अपना विरोध जारी रखने की बात कही है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मांग पर क्या कदम उठाता है और क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए कब तक राहत मिल पाती है।
