Haridwar : महिला सिपाही ने पति और ससुराल वालों पर लगाया दहेज उत्पीड़न का आरोप, गला दबाकर हत्या की कोशिश का भी दावा

खबररफ़्तार , हरिद्वार : उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में एक महिला पुलिसकर्मी ने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

ज्वालापुर के सराय क्षेत्र की रहने वाली महिला पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर तैनात हैं। उन्होंने महिला हेल्पलाइन में शिकायत देकर अपने वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियों और ससुराल पक्ष के कथित उत्पीड़न की जानकारी दी। महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जाने लगा था। उनका दावा है कि बेटी के जन्म के बाद भी ससुराल वालों के व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ।

29 नवंबर 2023 को हुई थी शादी

महिला सिपाही के मुताबिक, उनकी शादी 29 नवंबर 2023 को सहारनपुर जिले के गांगलहेड़ी क्षेत्र के रहने वाले एक युवक से हुई थी। उन्होंने बताया कि शादी में उनके परिवार ने अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार दान-दहेज दिया था। कार खरीदने के लिए आठ लाख रुपये नकद भी दिए गए थे।

इसके बावजूद महिला का आरोप है कि उनका पति, सास, ननद, नंदोई और देवर शादी में दिए गए सामान से संतुष्ट नहीं थे। पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद किया जाता था और उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जाता था।

बेटी के जन्म के बाद भी नहीं बदला व्यवहार

महिला ने शिकायत में बताया कि शादी के समय उनकी तैनाती कोटद्वार में थी। आरोप है कि जब वह ससुराल जाती थीं, तब उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता था। बेटी के जन्म के बाद भी परिस्थितियां नहीं बदलीं।

पीड़िता का कहना है कि बेटी के जन्म और उसके पालन-पोषण पर होने वाला खर्च भी उन्हें खुद उठाना पड़ा। उनके आरोप के मुताबिक, पति ने बच्ची की देखभाल के लिए आर्थिक सहयोग नहीं किया।

महिला ने बताया कि बेटी के जन्म के बाद वह छह महीने के अवकाश पर ससुराल में रही थीं। इस दौरान भी उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और गाली-गलौज की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनका पति शराब का अधिक सेवन करता है और नशे की हालत में उनके साथ मारपीट करता था।

समझौते के प्रयासों के बाद भी नहीं सुधरे हालात

पीड़िता के अनुसार, परिवार के लोगों ने कई बार पति-पत्नी के बीच विवाद सुलझाने और समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। महिला ने बताया कि उन्होंने पहले भी महिला हेल्पलाइन में शिकायत की थी।

इसके बाद उन्होंने अपनी तैनाती कोटद्वार से हरिद्वार करा ली। महिला का कहना है कि वह अपना परिवार बचाना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने रुड़की में किराये पर कमरा लिया और पति के साथ रहने लगीं।

हालांकि, उनके आरोपों के मुताबिक, रुड़की में भी पति का व्यवहार नहीं बदला। वह शराब पीकर मारपीट करता था और कई बार उन्हें कमरे से बाहर निकाल देता था। पीड़िता का कहना है कि लगातार विवाद और प्रताड़ना के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सास और देवर से मदद मांगने पर भी नहीं बनी बात

महिला सिपाही ने आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी सास और देवर को रुड़की बुलाकर पति को समझाने की अपील की थी। उन्हें उम्मीद थी कि परिवार के हस्तक्षेप से विवाद खत्म हो जाएगा और परिस्थितियां सामान्य हो सकेंगी।

लेकिन महिला के अनुसार, सास और देवर ने पति को समझाने के बजाय उन्हें अपनी बेटी के साथ गांव में रहने की सलाह दी। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। पीड़िता का आरोप है कि पति ने उन्हें घर से निकाल दिया और जान से मारने की धमकी दी।

गला दबाकर जान से मारने की कोशिश का आरोप

महिला ने अपनी शिकायत में सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विवाद के दौरान उनके पति ने उनका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। पीड़िता के मुताबिक, कुछ समय बाद जब उनकी सांस सामान्य हुई, तो उन्होंने डायल 112 पर फोन कर पुलिस से मदद मांगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि पति ने उनके बैग से जेवर निकालकर अपनी मां और भाई को दे दिए। इसके अलावा, महिला ने अपनी ननद पर फोन के माध्यम से गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है।

पीड़िता का यह भी कहना है कि पति उनके भाई के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने और उनकी नौकरी छुड़वाने की धमकी देता है। महिला ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू

मामले को लेकर एसपी सिटी दीपक सिंह ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर संबंधित थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नोट: इस मामले में दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की कोशिश समेत सभी आरोप पीड़िता की शिकायत पर आधारित हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

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