ख़बर रफ़्तार, देहरादून : Uttarakhand मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार, 25 अगस्त को सचिवालय में कैबिनेट की अहम बैठक हुई। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई इस बैठक में सरकार ने कुल 17 प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगाई। बैठक में उपनल कर्मचारियों, अग्निवीरों, स्वास्थ्य सेवाओं, ईवी पॉलिसी, लोकायुक्त, कैंसर इंस्टीट्यूट और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
सहकारिता और परिवहन क्षेत्र में अहम फैसले
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति 2026 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 को मंजूरी दे दी है।
परिवहन क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उत्तराखंड मोटरयान कराधान सुधार अधिनियम को मंजूरी दी गई। इसके तहत सीएनजी वाहनों को मिलने वाली ग्रीन सेस की छूट जारी रहेगी, जबकि हाइब्रिड वाहनों को दी जा रही राहत वापस ले ली गई है।
सरकार अब देश के दूसरे राज्यों की ईवी नीतियों का अध्ययन करने के बाद उत्तराखंड के लिए नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति तैयार करेगी। मुख्यमंत्री ने इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी बड़े निर्णय
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सांख्यिकी संवर्ग को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इसके साथ ही दवाइयों और सर्जिकल सामग्री की खरीद के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के गठन को भी स्वीकृति दी गई।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित होने वाला यह कॉरपोरेशन दवाइयों, सर्जिकल सामग्री और रसायनों की खरीद की जिम्मेदारी संभालेगा।
वहीं राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के लिए हरिद्वार में एक एकड़ जमीन उपलब्ध कराने को भी मंजूरी दी गई है।
लोकायुक्त और सर्वेक्षण नियमावली को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड लोकायुक्त अधिनियम 2014 के तहत सदस्यों के चयन के लिए उत्तराखंड लोकायुक्त खोजबीन समिति-2026 के गठन को मंजूरी दी।
इसके अलावा उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण अभिलेख नियमावली-2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
उत्तराखंड सीड्स एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दूसरे विभागों में समायोजित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति जताई।
मलिन बस्ती और शहरी विकास को लेकर फैसला
रिस्पना नदी के किनारे काठबंगला में बने 116 आवासों से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया। यहां मलिन बस्ती के लोगों से ली जाने वाली 10 प्रतिशत राशि अब राज्य सरकार खुद वहन करेगी।
इसके साथ ही शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से संबंधित कार्यों को भी मंजूरी दी गई है।
ऋषिकेश में बनेगा कैंसर इंस्टीट्यूट
ऋषिकेश में कैंसर उपचार की सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में भी कैबिनेट ने कदम उठाया है। अंत्योदय फाउंडेशन के कैंसर इंस्टीट्यूट के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए स्टांप ड्यूटी में छूट देने का फैसला किया गया है।
कार्मिक विभाग की वेतन नियमावली में आंशिक संशोधन को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली है। वहीं उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत उत्तरांचल विश्वविद्यालय की नियमावली को भी मंजूरी दी गई।
उपनल कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला
सैनिक कल्याण विभाग के तहत काम कर रहे उपनल कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ तीन चरणों में देने का फैसला लिया गया है।
एक जनवरी 2016 से ब्रेक वाले कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का लाभ देने की बात भी सामने आई है। स्वीकृत पदों के मुकाबले कार्यरत उपनल कर्मचारियों की स्थिति को देखते हुए नए पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर समिति गठित होगी।
सरकार ने परिवर्तनीय महंगाई भत्ते का प्रावधान भी किया है। वहीं यदि नए पदों का सृजन नहीं हो पाता है तो कर्मचारियों के समायोजन का विकल्प रखा जाएगा।
अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग प्रकोष्ठ
सेना से सेवा पूरी करके लौटने वाले अग्निवीरों के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। इसके गठन के लिए छह पदों को मंजूरी दी गई है। इस प्रकोष्ठ के जरिए सेवा मुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों से संबंधित मामलों और उनके पुनर्वास व अवसरों को लेकर काम किया जाएगा।
1320 मेगावाट पावर प्लांट को लेकर बड़ा फैसला
ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। 1320 मेगावाट क्षमता वाले कोयला आधारित पावर प्लांट को अदानी समूह को देने की मंजूरी दी गई है।
छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदानी पावर इस प्लांट को स्थापित करेगी। परियोजना को 25 साल की अवधि के लिए अदानी को दिए जाने का फैसला लिया गया है।
बैठक में कई मंत्री रहे अनुपस्थित
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, सतपाल महाराज, राम सिंह कैड़ा, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल और प्रदीप बत्रा मौजूद रहे।
वहीं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा और भरत सिंह चौधरी बैठक में मौजूद नहीं रहे।
