ख़बर रफ़्तार, उत्तराखंड : Uttarakhand में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में हुई बर्फबारी के बाद आसपास के क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि निचले इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में शुक्रवार को मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई थी। पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी जताई थी, जो बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में देखने को मिली।
बर्फबारी के चलते ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर बढ़ गया है। वहीं मौसम विभाग ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। विशेष रूप से पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वालों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
उधर, पहाड़ों की रानी मसूरी में भी मौसम ने अचानक करवट ली। गुरुवार शाम हुई बारिश के बाद शहर का मौसम सुहावना हो गया। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि अचानक हुई बारिश के चलते माल रोड और अन्य पर्यटन स्थलों पर घूम रहे पर्यटकों को कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश से बचने के लिए कई पर्यटक दुकानों, होटलों और सार्वजनिक शेडों में शरण लेते नजर आए। बावजूद इसके, बारिश के बाद मसूरी की वादियों में छाई ठंडक और ताजगी ने पर्यटकों का अनुभव और भी यादगार बना दिया।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम के उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई है और लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

+ There are no comments
Add yours