खबर रफ्तार, आंगनबाड़ी आंदोलन: देहरादून में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन को लेकर विपक्ष के नेता यशपाल आर्य ने धामी सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आंदोलन इस बात का संकेत है कि सरकार संवेदनहीन और जनविरोधी रवैया अपना रही है। जिन महिलाओं पर मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और समाज के कमजोर वर्गों की जिम्मेदारी है, उन्हें ही अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
यशपाल आर्य ने आगे कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से सीमित संसाधनों में सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू कर रही हैं, फिर भी उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा। कई महीनों से भुगतान लंबित है, भवन किराया दो वर्षों से अटका हुआ है और कोविड काल में घोषित प्रोत्साहन राशि भी पूरी तरह नहीं दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि शासनादेश के बावजूद धरना अवधि का भुगतान नहीं हुआ है। टीएचआर और कुक्ड फूड की राशि भी लंबे समय से लंबित है। इसके अलावा ढुलाई (ढुलान) के लिए कोई अलग प्रावधान नहीं है और सैनिटरी नैपकिन योजना में भी कार्यकर्ताओं पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
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नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द सभी लंबित भुगतान नहीं किए तो आंदोलन और तेज होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने मांग की कि सभी बकाया मानदेय तुरंत जारी किए जाएं, भवन किराया और कोविड प्रोत्साहन का भुगतान हो, टीएचआर व पोषण योजनाओं के लिए नियमित फंडिंग सुनिश्चित की जाए और ढुलाई के लिए अलग बजट तय किया जाए।
साथ ही उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए तो विपक्ष इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाएगा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ संघर्ष में खड़ा रहेगा।

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