‘बच्चों ने कोरियन पर्सनैलिटी बनाई थी और अपना नाम बदला था’, सुसाइड करने वाली लड़कियों के पिता का बयान

खबर रफ्तार, गाजियाबाद: गाजियाबाद के टीलामोड़ थानक्षेत्र स्थित भारत सिटी सोसायटी में तीन बहनों की आत्महत्या के मामले में लगातार नई बातें सामने आ रही हैं। अब पिता चेतन कुमार ने बताया कि उनकी गलती रही कि उन्होंने बेटियों पर ठीक से ध्यान नहीं दिया। वो पूरी तरह कोरियन कल्चर से प्रभावित हो गई थीं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की खुदकुशी की गुत्थी उलझती जा रही है। इन लड़कियों के पिता से एक बार फिर बातचीत की गई। हालांकि उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। बल्कि दरवाजे पर लगी जाली के दूसरी ओर से ही हर सवाल का जवाब देते रहे। गुरुवार को पिता ने बताया कि बच्चों ने कोरियन पर्सनैलिटी बनाई थी और अपना नाम बदल दिया था। 

उन्होंने कहा सरकार से मांग है कि हम चाहते हैं कोरियन ड्रामा, वीडियो जो भी चल रहे हैं जिनसे बच्चे एडिक्ट हो रहे हैं वे सभी बन्द होने चाहिए। मेरे तो तीन बच्चे चले गए। मेरा तो जीवन चला गया। ताकि किसी ओर के बच्चे की जान न जाए।

गाजियाबाद के टीलामोड़ थान इलाके में स्थित भारत सिटी सोसायटी में तीन बहनों की आत्महत्या के मामले में लगातार नई बातें सामने आ रही हैं।  बुधवार को किशोरियों के पिता चेतन कुमार ने तीनों बेटियों के ऑनलाइन कोरियन टास्क गेम में फंसे होने की बात कही थी।
24 घंटे में ही चेतन कुमार ने अपना बयान बदल दिया। बृहस्पतिवार को पत्रकारों से हुई बातचीत में चेतन कुमार ने बताया कि उनकी गलती रही कि उन्होंने बेटियों पर ठीक से ध्यान नहीं दिया। बच्चे समझकर उन्हें मोबाइल दिया। वह पूरी तरह कोरियन कल्चर से प्रभावित हो गई थीं।
Ghaziabad Triple suicide Case Father says Its my fault I wasnt paying attention and I even provided mobile
उन्होंने कहा कि भारत मे कोरियन ड्रामा, सीरियल, वीडियो सभी बंद होने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके तीन बच्चे चले गए, उनका जीवन चला गया। अब किसी और के बच्चे न जाएं कोई और इस आदत में न पड़े।
पिता बोले- तीन साल से खेल रही थीं टास्क गेम
बुधवार को पिता चेतन कुमार ने कहा था कि तीनों किशोरियां तीन साल से टास्क गेम खेल रही थीं। उन्होंने यह भी बताया कि बेटियां कोरिया जाने की जिद करती थीं। इस संबंध में कई बार उन्होंने बेटियों को समझाकर शांत कराया।
Ghaziabad Triple suicide Case Father says Its my fault I wasnt paying attention and I even provided mobile
पत्रकारों से बातचीत में चेतन ने बताया कि फेल होने की वजह से शर्म के चलते बेटियों ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। इसके बाद वह मोबाइल में कोरियन टास्क गेम खेलने लगीं।
बुधवार को हादसे के बाद जब फॉरेंसिक टीम घर पहुंची तो उन्होंने मोबाइल में गेमिंग एप देखे। पिता के अनुसार, हादसे से पहले भी बेटियों के पास मोबाइल था। हालांकि, यह जानकारी नहीं है कि वह गेम खेल रही थीं या कुछ और कर रही थीं।
बुधवार को हादसे के बाद जब फॉरेंसिक टीम घर पहुंची तो उन्होंने मोबाइल में गेमिंग एप देखे। पिता के अनुसार, हादसे से पहले भी बेटियों के पास मोबाइल था। हालांकि, यह जानकारी नहीं है कि वह गेम खेल रही थीं या कुछ और कर रही थीं।

प्राची थी लीडर 
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि तीनों बहनें एकराय होकर रहती थीं। 14 वर्षीय प्राची लीडर थी। वही तय करती थी कि तीनों को क्या करना है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि तीनों बहने साथ दैनिक कार्य करती थीं, चाहें वह नहाना हो या फिर खाना खाना। तीनों हर वक्त साथ रहती थीं और जिद्दी स्वभाव की थीं।

दरवाजा खुला होता तो बचा लेती जान
सुजाता ने रूंधी आवाज में बताया कि तीनों बेटियों ने कमरा अंदर से बंद कर लिया था। दरवाजा खुला होता तो बच्चियों को बचा लेतीं।

मई 2025 में चली गई थीं दोनों पत्नियां
पुलिस के अनुसार, मई 2025 में चेतन की दोनों पत्नियां घर से चली गई थीं। वापस न आने पर चेतन ने थाने में पत्नियों की गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। इसके कुछ दिन बाद ही दोनों पत्नियां घर लौट आई। हादसे की रात घर में चेतन की साली टीना भी मौजूद थी। पुलिस के अनुसार, वह अक्सर घर पर आती रहती थी। यहां तक कि बच्चे उन्हें मम्मी कहकर भी बुलाते थे।

गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग की लत में तीन मासूम बहनों ने दी जान
सॉरी पापा, आई एम रियली सॉरी। यह शब्द गाजियाबाद की उन तीन मासूम बेटियों के सुसाइड नोट के हैं, जिन्होंने ऑनलाइन गेम की लत के चलते नौवीं मंजिल की अपनी बालकनी से कूदकर जान दे दी। तीन नाबालिग बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) की मौत की इस दर्दनाक घटना ने देश को झकझोर दिया है।

पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन की लत और कोरियाई लवर गेम से प्रभावित तीनों बहनें फोन छीन लिए जाने से आहत थीं। दिल दहला देने वाली यह घटना साहिबाबाद के टीलामोड़ की भारत सिटी सोसायटी में मंगलवार देर रात करीब दो बजे हुई। पुलिस को किशोरियों के कमरे से पॉकेट डायरी मिली है, जिसमें आठ पेज का सुसाइड नोट लिखा गया है।
Ghaziabad Triple suicide Case Father says Its my fault I wasnt paying attention and I even provided mobile
रोज घंटों खेला करती थीं कोरियाई गेम 
पिता चेतन कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि तीनों बहनों को मोबाइल फोन की गंभीर लत थी और रोज घंटों कोरियाई गेम खेला करती थीं। तीनों ने अपने कोरियाई नाम मारिया, अलीजा और सिंडी भी रख लिए थे।
तीन साल से किराये के फ्लैट पर रहता है परिवार
चेतन कुमार ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करते हैं। वह पिछले तीन साल से भारत सोसायटी में किराये के फ्लैट में दो पत्नियों सुजाता व हिना और पांच बच्चों के साथ रह रहे हैं। आत्महत्या करने वाली किशोरियों में से निशिका, चेतन की पहली पत्नी सुजाता और प्राची व पाखी दूसरी पत्नी हिना की बेटियां थीं।
पहली पत्नी की बहन से की दूसरी शादी
चेतन की पहली पत्नी सुजाता से कई वर्ष तक कोई संतान नहीं हुई, तो उन्होंने सुजाता की बहन यानी अपनी साली हिना से शादी कर ली। इसके कुछ ही महीने बाद सुजाता से निशिका का जन्म हुआ।
बेटा मानसिक रूप से कमजोर
दूसरी पत्नी हिना से प्राची, पाखी व एक और बेटी का जन्म हुआ। बाद में पहली पत्नी से बेटा लविश (7) पैदा हुआ, जो मानसिक रूप से कमजोर है और बोल भी नहीं सकता।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours