खबर रफ्तार, नई दिल्ली: 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश कर रही हैं। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो भारतीय संसदीय इतिहास में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाता है। पहली बार बजट रविवार को पेश हो रहा है, और वैश्विक चुनौतियों (जैसे अमेरिकी टैरिफ) के बीच यह बजट भारत की मजबूत विकास गति, रोजगार सृजन और फिस्कल अनुशासन पर केंद्रित रह सकता है।
प्रमोद तिवारी का बजट पर तीखा सवाल: क्या ये सिर्फ BJP राज्यों का बजट होगा?
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर जमकर सवाल दागे हैं। उन्होंने कहा “निर्मला सीतारमण आज लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करने जा रही हैं। लेकिन सवाल ये है कि क्या इस बार भी आम आदमी, छोटे-मध्यम उद्योगों (MSME) और किसानों को कोई राहत मिलेगी? क्या आयकर स्लैब में कोई बदलाव होगा या फिर मध्यम वर्ग को फिर निराश होना पड़ेगा?
आज देश की आर्थिक हालत बहुत चिंताजनक है। निवेशक भारत की ओर रुख नहीं कर रहे हैं, अर्थव्यवस्था में मंदी के संकेत दिख रहे हैं। ऐसे में क्या यह बजट पूरे देश के लिए होगा या फिर सिर्फ भाजपा शासित राज्यों को फायदा पहुंचाने वाला पैकेज बनकर रह जाएगा?”
निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी बजट की लाल कॉपी
केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने से ठीक पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उन्हें बजट दस्तावेज की पारंपरिक लाल टैबलेट कॉपी सौंप दी। यह भारतीय बजट प्रक्रिया की सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण रस्मों में से एक है।मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने वित्त मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत हुई। राष्ट्रपति भवन में यह औपचारिक समारोह पूरा होने के बाद निर्मला सीतारमण सीधे संसद भवन के लिए रवाना हुईं।
तेलंगाना BJP प्रमुख का उत्साह: “देश बेसब्री से इंतजार कर रहा है…”
तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा:”पूरे देश की नजरें आज केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण पर टिकी हैं। लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि इस बार का बजट क्या नई दिशा देगा। मुझे पूरा यकीन है कि यह बजट विकास के मजबूत तत्वों से भरा होगा और आम जनता की अपेक्षाओं को न सिर्फ पूरा करेगा, बल्कि उनसे आगे भी जाएगा।”
शशि थरूर का सटीक सवाल: “ग्रोथ अच्छी है, लेकिन रोजगार कहाँ है?”
कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर एक बहुत महत्वपूर्ण और व्यावहारिक सवाल उठाया है। उन्होंने कहा “हम सभी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आर्थिक सर्वे में अच्छी आर्थिक वृद्धि (ग्रोथ) का अनुमान लगाया गया है, जो सुनने में तो बहुत अच्छा लगता है। लेकिन असली सवाल ये है – क्या इस बढ़ोतरी के साथ-साथ रोजगार भी पैदा होंगे?बिना रोजगार सृजन के विकास (डेवलपमेंट) किसी के लिए भी फायदेमंद नहीं होता। अगर अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, लेकिन नौकरियां नहीं बढ़ रही हैं, तो आम आदमी तक उस विकास का लाभ कैसे पहुंचेगा?”
खरगे का सवाल-जवाब वाला हमला
कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा “भारतीय अर्थव्यवस्था आज गहरे संकट में है। क्या मोदी सरकार इस बजट में देश को इस संकट से उबारने के लिए कोई ठोस और वास्तविक समाधान पेश करेगी? मोदी सरकार अब ‘विरासत’ का बहाना बनाकर नहीं बच सकती। क्या यह बजट उन सभी आर्थिक संकेतकों के लिए सच्चा समाधान लाएगा, जो इस वक्त तेजी से गिर रहे हैं?” खरगे का यह बयान बजट से पहले विपक्ष की प्रमुख चिंताओं को रेखांकित करता है – बेरोजगारी, निवेश में कमी, गिरती खपत और आर्थिक मंदी के संकेत।
दिल्ली CM का भरोसा: ‘विकसित दिल्ली’ को मिलेगी रफ्तार
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा:”केंद्रीय बजट का दिल्ली की विकास योजनाओं पर बहुत सकारात्मक असर पड़ेगा। इससे दिल्ली के विकास को नई गति मिलेगी। यह बजट ‘विकसित दिल्ली’ के हमारे लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
पंकज चौधरी का फोकस: विकसित भारत@2047 पर रहेगा जोर
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बजट की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा”इस बजट में मुख्य फोकस विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर रहेगा। हम विकास के रोडमैप को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।”पंकज चौधरी अपने घर से वित्त मंत्रालय के लिए रवाना हो चुके हैं। थोड़ी देर में बजट की कॉपी राष्ट्रपति को सौंपी जाएगी, उसके बाद कैबिनेट की मंजूरी और फिर सुबह 11 बजे लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किया जाएगा।
बजट से पहले की प्रमुख उम्मीदें और फोकस एरिया
– मध्यम वर्ग को टैक्स राहत: पिछले बजट में नए टैक्स रिजीम में ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं था। इस बार स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने, स्लैब में बदलाव या मिडिल क्लास के लिए और छूट की संभावना मजबूत है।
– शिक्षा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर: हेल्थ सेक्टर में मेडिकल सीटों की बढ़ोतरी और इंफ्रा पर कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ सकता है। रेलवे, डिफेंस और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में बड़े ऐलान की आस।
– किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: किसान क्रेडिट कार्ड लिमिट में और बढ़ोतरी, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का विस्तार, मखाना/कपास उत्पादकता पर फोकस। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी स्कीम्स को मजबूत बनाने की उम्मीद।
– रोजगार और युवा सशक्तिकरण: गिग वर्कर्स, महिला उद्यमियों (खासकर SC/ST) के लिए लोन स्कीम्स, MSME क्रेडिट बढ़ावा और स्किलिंग पर ज्यादा फंडिंग। एमएसएमई लोन गारंटी को और आकर्षक बनाया जा सकता है।
– मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट बूस्ट: मेक इन इंडिया, चमड़ा-फुटवियर, हस्तशिल्प, खिलौने, पोत निर्माण, लिथियम-आयन बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल सेक्टर में निर्यात प्रोत्साहन। पिछले बजट की छूटों का विस्तार संभव।
– रिसर्च, इनोवेशन और ग्रीन एनर्जी: प्राइवेट R&D के लिए फंडिंग बढ़ सकती है। EV बैटरी प्रोडक्शन और असाधारण बीमारियों की दवाओं पर छूट जारी रह सकती है।
– राज्यों को विशेष पैकेज: बिहार जैसे राज्यों के लिए एयरपोर्ट, मखाना बोर्ड जैसी स्कीम्स का विस्तार।
आर्थिक सर्वे और फिस्कल टारगेट की झलक
आर्थिक सर्वे 2025-26 के अनुसार FY26 में रियल GDP ग्रोथ 7.4% अनुमानित है, जबकि FY27 के लिए 6.8-7.2% की रेंज। राजकोषीय घाटा FY26 में 4.4% GDP पर लक्ष्यित है, और FY27 में इसे और कम (शायद 4.2% के आसपास) करने की उम्मीद। कुल बजट साइज ₹54 लाख करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान, जिसमें कैपेक्स पर फोकस जारी रहेगा।
वित्त मंत्री ने अनिश्चितता के दौर में उद्यमशील नीतियों की जरूरत पर जोर दिया है—भारत को रिस्क से बचने की बजाय तैयार रहने वाला देश बनना है। यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक मजबूत कदम होगा।

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