परिवहन विभाग के प्रवर्तन कर्मियों की वर्दी में बड़ा बदलाव, रैंक के अनुसार तय होगी नई पहचान

खबर रफ्तार, देहरादून : उत्तराखंड परिवहन विभाग के प्रवर्तन कर्मियों की वर्दी में बड़ा बदलाव होगा। उत्तराखंड मोटर वाहन नियमावली, 2011 के नियम 229 में संशोधन किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न पदों के नाम, रैंक और उनके लिए निर्धारित ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन वर्दी तय की गई है।

आरटीओ और उनके मातहत अधिकारी, कर्मचारी जल्द ही आपको अलग वर्दी में नजर आएंगे। पहली बार परिवहन विभाग के प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट) से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी (यूनिफॉर्म) में बदलाव के नियमों का ड्राफ्ट जारी हुआ है। जल्द ही इसे कैबिनेट में लाने की तैयारी है।

सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत ने उत्तराखंड मोटर वाहन (संशोधन) नियम, 2025 का ड्राफ्ट जारी किया था, जिस पर 15 जनवरी तक सुझाव लिए जा रह हैं। ड्राफ्ट के अनुसार, उत्तराखंड मोटर वाहन नियमावली, 2011 के नियम 229 में संशोधन किया जाएगा। इसके तहत विभिन्न पदों के नाम, रैंक और उनके लिए निर्धारित ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन वर्दी तय की गई है। यह संशोधन लागू होने के बाद परिवहन विभाग के प्रवर्तन कर्मियों की पहचान, रैंक और अनुशासन में एकरूपता लाने में मदद करेगा।
वर्दी में टोपी (कैप) का रंग और उस पर उत्तराखंड परिवहन का मोनोग्राम होगा। खाकी शर्ट और पुलिस पैटर्न की पैंट होगी। कंधे का बैज, शोल्डर स्ट्रैप और रैंक चिह्न (स्टार, वी-शेप स्ट्रैप) होगा। क्रॉस बेल्ट (काला या भूरा, रैंक के अनुसार) होगा। जूते और नोजे (काले या भूरे, पद के अनुसार) और नाम पट्टिका अनिवार्य होगी। वरिष्ठ पदों के लिए पीले धातु के स्टार, अशोक चिह्न और विशेष बैज का भी प्रावधान किया गया है।

पदनाम में ये बदलाव होंगे

-सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) को बदलकर संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) किया जाएगा।

-प्रवर्तन पर्यवेक्षक के स्थान पर ट्रांसपोर्ट असिस्टेंट इंस्पेक्टर पदनाम रखा जाएगा।

-प्रवर्तन सिपाही के स्थान पर परिवहन सिपाही शब्द का प्रयोग किया जाएगा।

-इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट सब इंस्पेक्टर जैसे नए पद को भी नियमावली में जोड़ा गया है।

गर्मी और सर्दियों की वर्दी अलग-अलग

गर्मियों में हल्की खाकी वर्दी होगी जबकि सर्दियों में फुल स्लीव एंगोला शर्ट, ऊनी मौजे और खाकी जैकेट होगी। हालांकि टोपी, सीटी, बैज, क्रॉस बेल्ट और नाम पट्टिका दोनों मौसमों में समान रहेंगी।

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