खबर रफ़्तार, देहरादून : राजकीय पेंशनर्स परिषद की बैठक में पेंशनर्स के लिए संचालित स्वास्थ्य योजना पर चर्चा की गई। साथ ही चिकित्सा के बिलों के भुगतान में आ रही कठिनाइयों की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया। सदस्यों ने इस संदर्भ में शासन स्तर से कार्रवाई की मांग की है।
बीते रविवार को लोक निर्माण विभाग स्थित संघ भवन में हुई बैठक में संगठन मंत्री गणपत सिंह बिष्ट ने कहा कि उच्च न्यायालय के जनवरी में जारी आदेशों का प्राधिकरण की ओर से पालन नहीं किया गया है।
पेंशनर्स ने स्वास्थ्य योजना में रहने का नहीं दिया विकल्प
बिष्ट ने कहा कि जिन पेंशनर्स ने स्वास्थ्य योजना में रहने का विकल्प नहीं दिया है, ऐसे पेंशनरों के लिए वर्ष 2006 से पहले की चिकित्सा प्रतिपूर्ति को व्यवस्था लागू कराने के लिए भी परिषद की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है।
बताया कि जो पेंशनर हार्ट के मरीज या ऐसे गंभीर रोगी हैं, जिन्हें चिकित्सालय में भर्ती होना आवश्यक है, उनके लिए यह योजना बहुत उपयोगी है। परिषद के अध्यक्ष विपिन बमलाडा ने कहा कि परिषद पेशनरों की लड़ाई सड़क से न्यायालय तक मजबूती से लड़ रहा है।
इस मौके पर मुकुट लाल विशारद, रघुवीर सिंह, भगवती प्रसाद नौटियाल, तेजराज नौटियाल, सोबन सिंह रावत आदि मौजूद रहे।

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