नई दिल्ली लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी सदन के निरादर पर मंगलवार को 19 विपक्षी सांसदों को सप्ताह भर के लिए निलंबित कर दिया गया इसमें तृणमूल कांग्रेस के सात द्रमुक के छह, टीआरसी के तीन, मकपा के दो, और भाकपा के एक सांसद शामिल हैं लोकसभा में सोमवार को 4 सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया था राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के सांसद महंगाई और दैनिक उपयोग की चीजों पर जीएसटी के खिलाफ नारेबाजी करते तालियां पीटते और पोस्टर लहराते हुए वेल में पहुंच। गए उपसभापति हरिवंश ने हंगामा कर रहे सदस्यों को लगातार सीट पर लौटने की अपील करी लेकिन वे नहीं माने। इस पर उपसभापति ने सत्ता पक्ष से सांसदों के निलंबन के प्रस्ताव लाने के लिए कहा संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने संसद व आसन के गंभीर निरादर के कारण सदस्यों का शुक्रवार तक निलंबन प्रस्ताव पेश किया हालांकि सभापति ने प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा तो 19 सदस्यों के नाम पढ़े। प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हुआ। कुछ विपक्षी सांसदों ने मत विभाजन की मांग की तो उपसभापति ने उसे सीटों पर लौटने की शर्त रखी। उन्होंने कहा सदन व्यवस्थित होने पर ही मत विभाजन कराएंगे । विपक्ष ने मांग नहीं मानी तो उपसभापति ने प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। निलंबित सांसदों ने सदन छोड़ने से मना कर दिया और फर्श पर बैठ गए। इस वजह से सदन पहले 15 मिनट, फिर 1 घंटे के लिए स्थगित हुआ इसके बाद भी हंगामा जारी रहा तो आसन पर आसीन भुवनेश्वर कलिता ने पूरे दिन के लिए सदन स्थगित कर दिया

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