ख़बर रफ़्तार, नई दिल्ली : भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण ने रविवार को डब्ल्यूएफआई निकाय को निलंबित करने के खेल मंत्रालय के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ‘संजय सिंह मेरे रिश्तेदार नहीं हैं। U-15 और U-20 आयोजित करने की घोषणा नंदिनी नगर में नागरिकों को यह सुनिश्चित करना था कि खेल आयोजन फिर से शुरू हों। उन्होंने आगे कहा कि ‘मैं काम करता रहूंगा। हम एकेडमी चलाते रहेंगे। एकेडमी में 100-150 बच्चे हैं और मैंने खुद कुश्ती खेली है, कुश्ती के बल पर ही मैं आज यहां पर पहुंचा हूं। हम अपनी एकेडमी बंद नहीं करेंगे।’
पहलवानों के लिए 12 साल काम किया
पूर्व अध्यक्ष भूषण ने कहा, ‘मैंने पहलवानों के लिए 12 साल काम किया है। समय बताएगा कि क्या मैंने न्याय किया है। अब फैसले और सरकार के साथ बातचीत महासंघ के निर्वाचित लोगों द्वारा की जाएगी। चुनाव को लेकर भूषण ने आगे कहा कि ‘सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव हुए और निकाय का गठन किया गया। अब यह उनका (महासंघ के सदस्यों का) निर्णय है कि वे सरकार से बात करना चाहते हैं या कानूनी कार्रवाई करना चाहते हैं। मैंने इससे कोई लेना देना नहीं।’
इस फैसले पर क्या बोलीं साक्षी मलिक?
इससे पहले केंद्रीय खेल मंत्रालय द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की नवनिर्वाचित संस्था को निलंबित करने पर पहलवान साक्षी मलिक ने कहा कि यह पहलवानों की बेहतरी के लिए हुआ है। हम तो कह रहे थे कि यह बेटियों और बहनों की लड़ाई है, यह पहला कदम है।’
दरअसल, बृजभूषण सिंह के करीबी सहयोगी और वफादार संजय कुमार सिंह को गुरुवार को कुश्ती संस्था का नया अध्यक्ष चुना गया था। सिंह ने 47 में से 40 वोट हासिल करके चुनाव जीता था, जबकि एक अन्य आवेदक, पूर्व भारतीय पहलवान और राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता, अनीता श्योराण को केवल सात ही वोट मिले थे।

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