ख़बर रफ़्तार, बहराइच : एसटीएफ ने नेपाल बॉर्डर पर फर्जी आधार कार्ड रैकेट के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया। यह नेपाल भागने की फिराक में था। इससे पहले एसटीएफ ने इसे दबोच लिया। इसके कब्जे से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व दस्तावेज बरामद हुए हैं।
यूपी के बहराइच में शुक्रवार को फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को एसटीएफ ने रजनवा बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पोर्टल के माध्यम से फर्जी जन्म और निवास प्रमाण पत्र तैयार करके आधार कार्ड बनाने में इस्तेमाल कर रहा था। अब तक उसने बॉर्डर पर ढाई हजार से अधिक लोगों के फर्जी आधार कार्ड बनाने का खुलासा किया है।
टेलीग्राम-व्हाट्सऐप के जरिए मिला फर्जी पोर्टल
पूछताछ में प्रमोद ने बताया कि उसने वर्ष 2021 में जनसेवा केंद्र खोलकर ऑनलाइन काम शुरू किया। करीब एक वर्ष पहले टेलीग्राम पर उसकी बातचीत अकील सैफी नाम के व्यक्ति से हुई। इसने आधार कार्ड बनाने और डिजिटल प्रमाणपत्र तैयार करने का पोर्टल देने की बात कही। प्रमोद ने 35 हजार रुपये अकील सैफी को फोन पे से भेजकर आईडी-पासवर्ड और पूरा सिस्टम एनी डेस्क के माध्यम से सेट करवा लिया।
तीन माह में दो हजार से अधिक फर्जी आधार किए तैयार
एसटीएफ द्वारा पकड़े गए प्रमोद ने बताया कि इस वर्ष जनवरी से मार्च माह तक उसने करीब 2,500 फर्जी आधार कार्ड बनाए हैं। इसके लिए वह फर्जी तरीके से जन्म, निवास प्रमाणपत्र पोर्टल पर डिटेल डालता था। कुछ ही मिनट में फर्जी प्रमाणपत्र तैयार हो जाते थे। इन्हीं दस्तावेजों का उपयोग करके वह 0–18 वर्ष तक के लोगों के नए आधार कार्ड बना देता था। पुराने आधार में संशोधन भी करता था।
कई लोगों को उपलब्ध कराया फर्जी आईडी-पासवर्ड
प्रमोद ने स्वीकार किया कि उसने अपने जानने वालों को भी एनी डेस्क के जरिए यह पोर्टल और आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराए। एक आईडी के लिए वह 45 हजार रुपये लेता था। जबकि, 35 हजार रुपये अकील सैफी को देता था। प्रत्येक आईडी से रोजाना 20–25 आधार कार्ड बनाए जाते थे। कुल मिलाकर इस गिरोह द्वारा 18–19 हजार आधार कार्ड अपडेट या तैयार किए गए।

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