खबर रफ़्तार, शाहजहांपुर: शाहजहांपुर में सूदखोरों के चंगुल में फंसे सचिन और उनके परिवार ने आत्महत्या से पहले कई बार भयावहता का सामना किया होगा, यह बात उनके 13 पेज के सुसाइड हो बेटी शिवांगी ने अपनी मां संध्या को संबोधित करते हुए एक-एक बात का जिक्र किया है।
सचिन की पत्नी शिवांगी ने सुसाइड नोट में अपनी मां से भी काफी कुछ कहा है। लिखा-सॉरी मम्मी, मैंने जो कुछ भी किया है। उसकी कोई माफी नहीं है। मेरी कार मेरे मरने के बाद लोन फ्री हो जाएगी। अभी चौक में गिरवी है। साढ़े तीन लाख रुपये में छुड़वाकर बेच लेना। जो पैसा मिलें, उससे अपना गोल्ड निकलवा लेना।
सुसाइड नोट में लिखे नाम, पुलिस छिपाने में जुटी
सचिन ने सुसाइड नोट काफी विस्तार से लिखा है। इसके करीब 13 पेज हैं, जिसमें उसने प्रताड़ित करने वालों और मदद नहीं करने वालों तक के नाम लिखे हैं। पुलिस को कारोबारी के मोबाइल से सुसाइड नोट के पेज मिले हैं, लेकिन पुलिस उसे सार्वजनिक नहीं कर रही है।
सचिन ने सुसाइड नोट काफी विस्तार से लिखा है। इसके करीब 13 पेज हैं, जिसमें उसने प्रताड़ित करने वालों और मदद नहीं करने वालों तक के नाम लिखे हैं। पुलिस को कारोबारी के मोबाइल से सुसाइड नोट के पेज मिले हैं, लेकिन पुलिस उसे सार्वजनिक नहीं कर रही है।
बताते हैं कि सुसाइड नोट में सूदखोरों के नाम लिखे हैं। सूदखोर कई बड़े लोगों के नजदीकी बताए जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस के तेवर ढीले पड़ गए हैं। पुलिस सुसाइड नोट का अध्ययन करने के बाद ही कुछ बताने की बात कह रही है। मृतक के परिवार के लोगों के पास भी सुसाइड नोट है।
गौरव ने भाई की काफी मदद की, बैंक का कर्ज निपटाया
गौरव ने अपने भाई होने का कर्तव्य निभाया। बेहतर आमदनी के साथ ही सचिन ग्रोवर खुले हाथ से खर्च करता था। सचिन के ऊपर कर्ज होने पर गौरव ने आगे आकर निपटाने का कार्य किया। 

बैंक के ऋण का सेटलमेंट कर निपटाया। कर्ज को लेकर परिवार में अनबन हो गई थी। सचिन की भाभी ज्योति व मां सीमा भी उनके मकान के हिस्से में नहीं जाते थे। ज्योति ने बताया कि खाना सबका एक साथ बनता था।
सूदखोरों के जाल में फंसकर तबाह हो रहे परिवार, सख्त कार्रवाई की मांग
सूदखोरों के मकड़जाल में फंसने वाले का निकलना मुश्किल हो जाता है। इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी हैं। चौक कोतवाली क्षेत्र में कच्चा कटरा में अविनाश गुप्ता व उनका परिवार सूदखोरों के चलते खत्म हो गया था।
रोजा में दंपती ने सूदखोर की वजह से फंदे से लटककर जान दे दी थी। इस मामले को लेकर राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष किशोर गुप्ता ने एसपी सिटी देवेंद्र कुमार से मिलकर सूदखोरों पर कार्रवाई की मांग की। ऋषभ गुप्ता व अनुराग आदि मौजूद रहे। वह पीड़ित परिवार से भी मिले।

उद्यमी विनय अग्रवाल ने भी मृतक के परिजनों से मुलाकात की। वह पोस्टमॉर्टम हाउस पर भी साथ रहे। पंजाबी महासभा के पदाधिकारियों ने सचिन ग्रोवर के परिजनों को सांत्वना दी। सुनील गुप्ता, सुरेंद्र सेठी आदि मौजूद रहे।
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