ख़बर रफ़्तार, रुद्रपुर : शहर में हाशिये पर खड़ी कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी के नक्शे कदम पर चल पड़ी है। पार्टी का बड़ा वोट बैंक मुस्लिमों से जुड़ा है लेकिन अब कांग्रेस इस वोट बैंक से किनारा करती नजर आ रही है। इसका नमूना ईद उल फितर पर देखा गया। ईदगाह मैदान में मुस्लिम समुदाय को बधाई देने के लिए एक भी कांग्रेस नेता नहीं पहुंचा। जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा और महानगर अध्यक्ष सीपी शर्मा दोनों ही गायब रहे। आपको बता दें कि कांग्रेस हमेशा से मुस्लिम वोट बैंक को सहेजकर रखती रही है।

यही वजह है कि बरसों बरस से ईद पर कांग्रेसी ईदगाह में मुस्लिम समुदाय के लोगों को मुबारकबाद देने पहुंचते हैं लेकिन इस बार पार्टी नई रीति नीति पर चल पड़ी है। पार्टी का कोई कार्यकर्ता ईदगाह में न देखने से साफ हो जाता है कि कांग्रेस को अब मुस्लिमों की जरूरत नहीं रही। ऐसा हम नहीं कह रहे बल्कि ईदगाह में मौजूद मुस्लिम समुदाय के तमाम लोग इस विषय पर चर्चा करते हुए देखे गए। अब बड़ा सवाल यह उठता है कि पार्टी मुस्लिम समुदाय का वोट बैंक छोड़कर किस राह पर है ? क्या कांग्रेस भाजपा के ही नक्शे कदम पर चल रही है ? क्या कांग्रेसियों में भाजपाई मानसिकता आ गई है ? या फिर सत्ता से दूर कांग्रेस भाजपा की राह पर चलकर प्रदेश की सत्ता में वापसी करना चाहती है।

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