ख़बर रफ़्तार, नई दिल्ली : NEET Paper Leak 2026 को लेकर जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुरुवार को कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन के प्रतिनिधि बातचीत के लिए उनके आवास या कार्यालय आ सकते हैं।
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार संवाद के लिए हमेशा तैयार है। जब उनसे पूछा गया कि क्या CJP के साथ एक और दौर की बातचीत होगी, तो उन्होंने जवाब दिया, “हां, हम तैयार हैं। वे मेरे घर या मेरे ऑफिस आ सकते हैं।”
हालांकि CJP ने सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। संगठन का कहना है कि बातचीत किसी मंत्री के घर या कार्यालय में नहीं, बल्कि जंतर-मंतर या किसी निष्पक्ष (न्यूट्रल) स्थान पर होनी चाहिए। इससे पहले सोमवार को CJP के दो प्रतिनिधियों ने जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी थीं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने जंतर-मंतर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया था कि जेपी नड्डा ने बातचीत के लिए अपने आवास पर बुलाया है, लेकिन संगठन ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा, “जनता की अदालत जंतर-मंतर है। अगर सरकार बातचीत चाहती है तो उसे जनता के बीच आना चाहिए।” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सुरक्षा कारणों से जंतर-मंतर पर बातचीत संभव नहीं है, तो प्रदर्शन स्थल के पास किसी निष्पक्ष स्थान पर वार्ता के लिए संगठन तैयार है।
इधर, दिल्ली पुलिस भी आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर सख्त नजर आ रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन लोगों की पहचान की जा रही है जो प्रदर्शन के दौरान हिंसा या दंगे जैसी गतिविधियों में शामिल पाए गए। सूत्रों का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ आवश्यक प्रावधानों के तहत उनके पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
फिलहाल सरकार और CJP के बीच बातचीत को लेकर गतिरोध बना हुआ है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों पक्ष किसी साझा मंच पर बातचीत के लिए सहमत होते हैं या आंदोलन आगे और तेज होता है।
