Nainital: कैंची धाम की तरह ही अब बाबा नीब करौरी की कुटिया का होगा कायाकल्प, बनेगा नया धार्मिक स्थल

खबरे शेयर करे -

ख़बर रफ़्तार,भवाली: बाबा नीब करौरी के देश व दुनिया में फैले भक्तों के लिए अच्छी खबर है। भवाली-ज्योलीकोट मार्ग स्थित भूमियांधार में बाबा की कुटिया का अब कायाकल्प होगा। कैंची धाम की तरह इसे भी धार्मिक पर्यटन से जोड़कर सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

भक्तों के ठहरने की व्यवस्था के साथ ही पार्किंग का निर्माण होगा। योजना से ग्रामीणों को जोड़ते हुए होम स्टे की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। इस पहल से भूमियांधार गांव मुख्यधारा से जुड़ेगा और कैंची धाम पर दबाव भी कम होगा। इसके लिए जिला प्रशासन पर्यटन विभाग के साथ मिलकर इसकी ब्रांडिंग करेगा।

विंडो से जानेंगे बाबा की कुटिया के बारे में

केएमवीएन की साइट पर एक विंडो भी बनाया जाएगा। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालु बाबा की कुटिया के बारे में जानेंगे। आवागमन की सुविधा का भी पता लगा सकेंगे। मंडलायुक्त दीपक रावत ने मंगलवार को बाबा की कुटिया का निरीक्षण किया और पूजन कर ध्यान भी लगाया।

भूमियांधार गांव को धार्मिक पर्यटन से जोड़ा जाएगा

इस दौरान मंडलायुक्त दीपक रावत ने कहा कि भूमियांधार गांव को धार्मिक पर्यटन से जोड़ा जाएगा। भक्तों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कमिश्नर ने कहा कि पर्यटन से जोड़ने के लिए ग्रामीणों को होम स्टे का बेहतर विकल्प देंगे। इस दौरान पूर्व प्रधान मिनाक्षी, क्षेत्र पंचायत सदस्य अंजलि बिष्ट, पंकज बिष्ट ने आयुक्त को बाबा नीब करौरी की प्रतिमा भेंट की।

यह भी पढ़ें:आधुनिकीकरण के लिए दिए 12 करोड़, बेहड़ दे रहे धरना, किसानो को कर रहे गुमराह

कौन है बाबा नीब करौरी

बाबा नीब करौरी ने अपने जीवनकाल में  108 हनुमान मंदिरों का निर्माण कराया। सबसे पहले बाबा ने हनुमान गढ़ी में बजरंगबली मंदिर की नींव रखी। इसी क्रम में उन्होंने भूमियांधार में सड़क किनारे हनुमान जी के एक मंदिर का निर्माण कराया। यहां वह भक्तों को अक्सर साधना में लीन मिलते। इससे कैंची धाम की तरह यहां से भी भक्तों का विशेष लगाव है। लेकिन प्रचार व सुविधाओं के अभाव में यहां आने वाले भक्तों की संख्या धीरे-धीरे कम होती गई। लेकिन अब कमिश्नर के प्रयास से इसके विकास की उम्मीद जगी है।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours