ख़बर रफ़्तार, गोरखपुर: रायगंज के सपा पार्षद अशोक यादव और कान्हा उपवन के मेट शशि भूषण भारद्वाज के बीच संवाद का तेजी से प्रसारित हो रहा एक आडियो क्लिप शुक्रवार को पूरे दिन चर्चा में रहा। इस आडियो क्लिप की ‘दैनिक जागरण’ पुष्टि नहीं करता है।
इस पर मेट पूरी तरह उखड़ गए और आपत्तिजनक टिप्पणी शुरू कर दी। वह प्रसारित आडियो में पूछता सुनाई दे रहा है कि अशोक यादव, किस पार्टी से पार्षद हैं? इसके बाद वह धमकाता सुनाई पड़ रहा है कि- गोरखपुर में किसका लिंक किससे है, जानते हो?
पार्षद ने कहा कि वह अभी दिल्ली में हैं। सोमवार को नगर आयुक्त के चैंबर में उन्हें बुलाकर उनसे मुलाकात करेंगे। इस पर उसने नगर आयुक्त पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नगर आयुक्त क्या है। आईएएस ही है न। मुख्यमंत्री का कार्यक्रम है। वह क्यों छुट्टी पर है?
पार्षद का कहना है कि उनकी गाय नहीं मिल रही थी। पूर्व में कान्हा उपवन में तैनात भोला से एहतियातन गाय के बारे में जानकारी लेना चाह रहे थेए लेकिन मेट शशि भूषण भारद्वाज ने धमकी देनी शुरू कर दी। उनके पास पूरे संवाद का आडियाे हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी तरफ से कोई आपत्तिजनक बात नहीं कही गई। यदि ऐसा है तो मेट भी आडियाे या कोई अन्य साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं। उधर, इस बाबत सुपरवाइजर शशि भूषण उपाध्याय का कहना है कि उन्होंने अपने अधिवक्ता से बात कर ली है। उन के जरिये पक्ष देंगे।
वहीं, इस बारे में कान्हा उपवन के प्रभारी सहायक नगर आयुक्त सुरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें पार्षद अशोक यादव की शिकायत और आडियो मिली है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
3:10 मिनट और 3:14 मिनट के दोनों आडियो के अंश
शशि भूषण भारद्वाज-किस वार्ड से पार्षद हैं?
पार्षद-सुरेंद्र सिंह जी से पूछ लिजिए, घंटाघर से पार्षद हैं।
शशि भूषण भारद्वाज- भईया बताइए न, हम आप से पूछ रहे हैं? आप किस वार्ड से पार्षद हैं।
पार्षद-57 से।
शशिभूषण- किस पार्टी से?
पार्षद- समाजवादी पार्टी।
शशि भूषण- समाजवादी पार्टी, अच्छा! आपकी भाषा शैली जो है, आप नहीं जान रहे गोरखपुर में किसका कहां लिंक है?
पार्षद- क्या?
शशि भूषण-किसका लिंक कहा है? आप जान रहे हैं?
पार्षद- नहीं जान रहा हूं।
शशि भूषण- अपना एड्रेस बताइए, हम आपसे मिलना चाहते हैं?
पार्षद- मंडे को आते हैं, मुलाकात करते हैं आपसे।
शशि भूषण- नहीं-नहीं, अभी आप से मिलना है, प्राब्लम है, परेशानी है, सुलझाना है आप से।
पार्षद- मैं दिल्ली में हूं मेरे भाई…।
शशि भूषण – आप काहे दिल्ली में हैं…दिल्ली में नहीं होना चाहिए था आपको, ..आप तो भोला जी से इलीगल तरीके से गाय छुड़ा रहे हैं। सरकारी कर्मचारी को धमकी दे रहे हैं? ये तरीका चलेगा?
पार्षद- और बताइए।
शशि भूषण- कल आइए, कल आइए, मिला जाए आपसे।
पार्षद- हम मंडे को मिलेंगे नगर आयुक्त के चैंबर में।
शशि भूषण- इतने बड़े आदमी नहीं हैं आप? आप से हम अप्वाइंटमेंट लें, मंडे को मिलेंगे? ..का है नगर आयुक्त? आइएएस है? मुख्यमंत्री का प्रोग्राम है, छुट्टी पर है नगर आयुक्त! मंडे को काहे मिला जाएगा भईया? गाय किसकी है?
पार्षद- गाय मेरी नहीं है।
शशि भूषण- आपकी भाषा ऐसी है जैसे आपके साले की गाय थी, आपके रिश्तेदार की है तो हम छुड़वा देंगे क्या?
पार्षद- नहीं किसी की गाय नहीं है। पहले भोला काम करता था…।
शशि भूषण- अगर हमारे परिवार को हाथ भी लगाया तो काट के रख देंगे, समझ रहे हो? काट के फेंक देंगे। सुनो सुनो… नगर आयुक्त से मिलते रह जाओगे? (इसके बाद गाली)
पार्षद: ठीक है मंडे को मुलाकात होगी।

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