Corbett का बिजरानी जोन खुलते ही पर्यटकों की उमड़ी भीड़, पहले दिन सुबह-शाम की सभी सफारी बुक

खबररफ़्तार , रामनगर : उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। मानसून के चलते बंद किया गया कॉर्बेट का प्रसिद्ध बिजरानी पर्यटन जोन 15 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। जोन खुलते ही पहले दिन पर्यटकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। स्थिति यह रही कि सुबह और शाम, दोनों पालियों के सभी सफारी स्लॉट पहले ही बुक हो गए।

लंबे इंतजार के बाद बिजरानी जोन में सफारी शुरू होने से देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे पर्यटक उत्साहित नजर आए। पर्यटक जंगल की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जैव विविधता और अपने प्राकृतिक आवास में बाघ समेत दूसरे वन्यजीवों को देखने की उम्मीद लेकर सफारी पर निकले। पहले दिन की शुरुआत के साथ ही कॉर्बेट में पर्यटन गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है।

बिजरानी जोन के खुलने से रामनगर के पर्यटन कारोबारियों को भी आगामी सीजन में बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है। होटल, रिसॉर्ट, जिप्सी संचालकों और स्थानीय पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण समय है। वहीं, पर्यटकों को अब जंगल सफारी के दौरान बाघ की एक झलक मिलने का इंतजार है।

हरी झंडी दिखाकर रवाना की गईं सफारी जिप्सियां

बिजरानी पर्यटन जोन को 15 अक्टूबर की सुबह विधिवत रूप से पर्यटकों के लिए खोला गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक दीवान सिंह बिष्ट, पार्क वार्डन बिंदरपाल सिंह, रेंज अधिकारी नवीन पांडे और रेंज अधिकारी ललित आर्या समेत वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर पर्यटकों से भरी जिप्सियों को जंगल सफारी के लिए रवाना किया। लंबे समय से बिजरानी जोन के दोबारा खुलने का इंतजार कर रहे पर्यटकों के लिए यह खास मौका रहा। सफारी शुरू होते ही पर्यटक कॉर्बेट के जंगलों की खूबसूरती और वन्यजीवों को करीब से देखने की उम्मीद के साथ जंगल में पहुंचे।

बिजरानी जोन अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों की मौजूदगी के लिए जाना जाता है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए जंगल का वातावरण, वनस्पतियां, पक्षियों की विभिन्न प्रजातियां और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखना सफारी का प्रमुख आकर्षण रहता है।

पहले दिन सुबह और शाम की सभी सफारी स्लॉट फुल

बिजरानी जोन के पहले दिन पर्यटकों की अच्छी आमद देखने को मिली। सुबह की पाली में 30 जिप्सियों के माध्यम से पर्यटकों को जंगल सफारी कराई गई। वहीं, शाम की पाली में भी 30 जिप्सियों के जरिए पर्यटकों को जंगल भ्रमण कराया जाना निर्धारित रहा।

खास बात यह रही कि पहले ही दिन सुबह और शाम, दोनों पालियों के सभी सफारी स्लॉट पहले से बुक हो गए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कॉर्बेट के इस लोकप्रिय पर्यटन जोन को लेकर पर्यटकों में कितना उत्साह है।

मानसून के दौरान जोन बंद रहने के बाद पर्यटक इसके दोबारा खुलने का इंतजार कर रहे थे। अब सफारी शुरू होने से पर्यटकों को कॉर्बेट के जंगलों में घूमने और वन्यजीवों को देखने का अवसर मिलेगा। हालांकि, बाघ या अन्य किसी वन्यजीव के दिखाई देने की कोई गारंटी नहीं होती, क्योंकि उनका विचरण प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

बाघ के दीदार की उम्मीद लेकर पहुंचे देश-विदेश के पर्यटक

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व आने वाले पर्यटकों के लिए बाघ को उसके प्राकृतिक आवास में देखना सबसे बड़े आकर्षणों में से एक है। यही वजह है कि बिजरानी जोन खुलने के पहले दिन पर्यटकों में खासा रोमांच देखने को मिला।

सफारी के लिए पहुंचे पर्यटकों को उम्मीद है कि जंगल भ्रमण के दौरान उन्हें बाघ की एक झलक देखने को मिलेगी। इसके अलावा हाथी, हिरण और विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों समेत कॉर्बेट की समृद्ध जैव विविधता भी पर्यटकों को आकर्षित करती है।

पहले दिन कोलंबिया से पहुंचे विदेशी पर्यटक भी बाघ के दीदार को लेकर उत्साहित दिखाई दिए। वहीं, कॉर्बेट को अपना पसंदीदा पार्क बताने वाले वन्यजीव प्रेमियों ने जंगलों के संरक्षण और वन्यजीव पर्यटन के महत्व पर भी अपनी बात रखी।

पर्यटकों के लिए जंगल सफारी केवल वन्यजीवों को देखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक वातावरण को करीब से समझने और जंगलों के संरक्षण के महत्व को जानने का अवसर भी है।

35 साल से कॉर्बेट आ रहे वन्यजीव प्रेमी ने बताया पसंदीदा जोन

बिजरानी जोन के पहले दिन सफारी करने पहुंचे एक वन्यजीव प्रेमी ने बताया कि वह पिछले 35 वर्षों से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व आ रहे हैं। उन्होंने बिजरानी को अपना सबसे पसंदीदा पर्यटन जोन बताया।

उनके मुताबिक, वह पहले भी कई बार यहां सफारी कर चुके हैं और इस बार भी जोन खुलने के पहले दिन जंगल भ्रमण करने को लेकर उत्साहित हैं। लंबे समय से कॉर्बेट आते रहे वन्यजीव प्रेमियों के लिए बिजरानी का विशेष महत्व है।

इस तरह के अनुभव बताते हैं कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व केवल नए पर्यटकों को ही आकर्षित नहीं करता, बल्कि वन्यजीवों और जंगलों में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी खास जगह रखता है। बिजरानी जोन के दोबारा खुलने के साथ ऐसे पर्यटकों को एक बार फिर जंगल सफारी का अवसर मिल रहा है।

मानसून में क्यों बंद रहता है बिजरानी पर्यटन जोन?

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मानसून के दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगल की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कुछ पर्यटन जोन बंद कर दिए जाते हैं। बिजरानी जोन को हर साल 30 जून को बंद किया जाता है और सामान्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए दोबारा खोला जाता है।

मानसून के दौरान बारिश के कारण जंगल के रास्तों और प्राकृतिक परिस्थितियों में बदलाव हो सकता है। ऐसे में सफारी संचालन को सुरक्षित बनाए रखने और वन्यजीवों के अनुकूल परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित पर्यटन जोन में आवाजाही सीमित की जाती है।

इस अवधि के बाद परिस्थितियों के अनुकूल होने पर सफारी दोबारा शुरू की जाती है। बिजरानी जोन के खुलने से अब पर्यटक एक बार फिर इस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों का अनुभव कर सकेंगे।

कॉर्बेट के किन जोन में पूरे साल होती है सफारी?

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में ढेला, झिरना और गर्जिया पर्यटन जोन में सामान्य परिस्थितियों के दौरान पूरे वर्ष सफारी संचालित की जाती है। वहीं, मानसून के दौरान अत्यधिक बारिश और जंगल की परिस्थितियों को देखते हुए बिजरानी, दुर्गा देवी और ढिकाला जैसे पर्यटन जोन बंद रखे जाते हैं।

अब बिजरानी जोन खुलने के बाद कॉर्बेट में पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों को अगले महीने ढिकाला जोन खुलने का इंतजार है, जो अपने प्राकृतिक परिवेश और जंगल के बीच रात्रि विश्राम की सुविधा के लिए विशेष पहचान रखता है।

15 नवंबर से खुलेगा ढिकाला जोन, नाइट स्टे की भी मिलेगी सुविधा

बिजरानी जोन के खुलने के बाद अब पर्यटकों की निगाहें 15 नवंबर पर टिकी हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इस तारीख से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के विश्वप्रसिद्ध ढिकाला पर्यटन जोन को भी सफारी के लिए खोला जाना है।

इसी दिन से कॉर्बेट के विभिन्न पर्यटन जोन में स्थित नाइट स्टे कक्षों की बुकिंग भी शुरू होने की जानकारी दी गई है। इससे पर्यटक जंगल सफारी के साथ जंगल के बीच रात्रि विश्राम का अनुभव लेने की योजना बना सकेंगे।

ढिकाला जोन में सफारी और रात्रि विश्राम का अनुभव लेने के इच्छुक पर्यटकों को बुकिंग की उपलब्धता और संबंधित नियमों की जानकारी लेकर अपनी योजना बनानी होगी। पर्यटन सीजन में मांग अधिक रहने के कारण अग्रिम बुकिंग महत्वपूर्ण हो सकती है।

बिजरानी खुलने से रामनगर के पर्यटन कारोबार को मिलेगी रफ्तार

रामनगर की अर्थव्यवस्था में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और उससे जुड़ी पर्यटन गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जंगल सफारी के लिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के कारण होटल, रिसॉर्ट, जिप्सी संचालकों, गाइड और अन्य स्थानीय व्यवसायों को रोजगार मिलता है।

बिजरानी जोन के खुलने और आगे ढिकाला जोन शुरू होने की उम्मीद से पर्यटन कारोबारियों को आगामी सीजन में बेहतर कारोबार की आशा है। सफारी की मांग बढ़ने से पर्यटकों के ठहरने, स्थानीय परिवहन और अन्य पर्यटन सेवाओं से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

हालांकि, वास्तविक कारोबार पर्यटकों की संख्या, बुकिंग, मौसम और सफारी संचालन की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल पहले दिन सभी सफारी स्लॉट बुक होने से कारोबारियों के बीच उत्साह का माहौल है।

पर्यटकों में उत्साह, अब बाघ की एक झलक का इंतजार

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का बिजरानी पर्यटन जोन खुलने के पहले दिन पर्यटकों की अच्छी प्रतिक्रिया देखने को मिली। सुबह और शाम की सफारी के सभी स्लॉट बुक होने से साफ है कि पर्यटक मानसून के बाद जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए उत्सुक हैं।

अब पर्यटकों की उम्मीदें बाघ समेत दूसरे वन्यजीवों के दीदार पर टिकी हैं। वहीं, 15 नवंबर से ढिकाला जोन खुलने और नाइट स्टे की बुकिंग शुरू होने की संभावना से कॉर्बेट का पर्यटन सीजन और व्यस्त होने की उम्मीद है।

बिजरानी जोन के दोबारा खुलने के साथ रामनगर में वन्यजीव पर्यटन ने नई रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में पर्यटकों की आमद और सफारी बुकिंग का रुझान इस सीजन की तस्वीर को और स्पष्ट करेगा।

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