‘मेरा नाम मोहम्मद दीपक’, पुलिस हस्तक्षेप के बाद भी नहीं बदलेगा शोएब की दुकान का नाम

खबर रफ्तार, पौड़ी: जिले में बजरंग दल ने एक समुदाय विशेष के व्यक्ति मोहम्मद शोएब की दुकान का नाम ‘बाबा’ रखने पर कड़ा विरोध जताया था। जिसके बाद संगठन ने इसे सिद्धबली बाबा मंदिर से जोड़कर नाम बदलने का दबाव बनाया। नतीजन 28 और 31 जनवरी को दुकान के बाहर हिंसक झड़प और जमकर विरोध प्रदर्शन भी हुए। इस दौरान जिम संचालक दीपक चंद और कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट भी हुई।

घटना की जानकारी मिलते ही जिले के एएसपी चंद्र मोहन सिंह और एसडीएम मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत की।जिसके बाद जैसे तैसे करके पुलिस ने शनिवार को मामला सुलझा लिया और रविवार को भी शांति बनाए रखने के लिए फ्लैग मार्च निकाला गया। एएसपी ने साफ शब्दों में कहा कि अब दुकान का नाम ‘बाबा’ ही रहेगा और बजरंग दल कोई विरोध नहीं करेगा। फिलहाल, पुलिस लगातार संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त कर रही है।

मेरा नाम मोहम्मद दीपक

इस बीच बजरंग दल से भिड़ने वाले जिम ट्रेनर दीपक की जमकर चर्चा हो रही है। दीपक ने कोटद्वार बाबा विवाद में बजरंग दल का विरोध किया था। उसने साफ शब्दों में कहा कि बाबा शब्द किसी एक धर्म की बपौती नहीं है। जिसके बाद मामला बिगड़ गया और इसी बीच बजरंग दल के लोगों ने दीपक से उसका नाम पूछा। जिसका जवाब देते हुए उसने कहा कि मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।

राहुल गांधी ने की तारीफ

इस मामले को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं। दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं – उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं। वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।

देश में सामाजिक ज़हर घोल रहा

संघ परिवार जानबूझकर देश में आर्थिक और सामाजिक ज़हर घोल रहा है, ताकि भारत बँटा रहे और कुछ लोग डर के सहारे राज करते रहें। उत्तराखंड की BJP सरकार खुलेआम उन असामाजिक ताक़तों का साथ दे रही है जो आम नागरिकों को डराने और परेशान करने में लगी हैं। नफ़रत, डर और अराजकता के माहौल में कोई भी देश आगे नहीं बढ़ सकता। शांति के बिना विकास सिर्फ़ एक जुमला है। हमें और दीपकों की ज़रूरत है – जो झुकें नहीं, जो डरें नहीं, और जो पूरी ताक़त से संविधान के साथ खड़े रहें।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours