खबर रफ़्तार, मुंबई: वसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने बुधवार को कहा था कि उपराष्ट्रपति चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए को अपनी संख्याबल पर भरोसा नहीं है। इसी कारण एनडीए के नेता विपक्षी दलों से समर्थन मांग रहे हैं। राउत ने सवाल उठाया कि जब बहुमत आपके पास है, तो विपक्ष से समर्थन की जरूरत क्यों पड़ रही है।
उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट ने गुरुवार को बड़ा दावा किया है। पार्टी सांसद संजय राउत ने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर भाजपा नेताओं ने उद्धव ठाकरे से संपर्क साधा है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे को फोन कर एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन के समर्थन की अपील की।
राउत ने कहा कि राजनाथ सिंह और देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे से बात की और राधाकृष्णन के पक्ष में वोट देने का अनुरोध किया। यह उनका काम है, वे और दलों से भी बात कर रहे होंगे।
‘अगर बहुमत है तो संपर्क की जरूरत क्यों?’
इससे पहले शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने बुधवार को कहा था कि उपराष्ट्रपति चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले एनडीए को अपनी संख्याबल पर भरोसा नहीं है। इसी कारण एनडीए के नेता विपक्षी दलों से समर्थन मांग रहे हैं। राउत ने सवाल उठाया कि जब बहुमत आपके पास है, तो विपक्ष से समर्थन की जरूरत क्यों पड़ रही है।
राधाकृष्णन की उम्मीदवारी पर उठाए थे सवाल
संजय राउत ने भाजपा के उम्मीदवार और पूर्व राज्यपाल राधाकृष्णन पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि जब राधाकृष्णन झारखंड के राज्यपाल थे, तब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजभवन से ही गिरफ्तार किया था। राउत के अनुसार यह पूरी कार्रवाई संवैधानिक परंपराओं के खिलाफ थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राधाकृष्णन ने उस वक्त ईडी अधिकारियों को नहीं रोका और न ही संवैधानिक दायरे में अपनी भूमिका निभाई।
‘दक्षिण बनाम दक्षिण’ की सियासी जंग बना उपराष्ट्रपति चुनाव
एनडीए ने तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता और मौजूदा महाराष्ट्र राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है। वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है। जिसके चलते अब यह चुनाव ‘दक्षिण बनाम दक्षिण’ की सियासी जंग बन गया है।
9 सितंबर को मतदान
उपराष्ट्रपति पद का चुनाव 9 सितंबर को होगा। इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट डालेंगे। राज्यसभा के नामित सदस्य भी मतदान करने के हकदार होंगे।
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